एक ऐसा मामला जिसमें पाकिस्तान से भिड़ गया उसका साथी चीन.. खतरे में गद्दारी और आतंकवाद की दोस्ती


पाकिस्तान की बात की जाए तो वह चीन को अपना सबसे अच्छा दोस्त मानता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन ज्यादातर मामलों पर पाकिस्तान का साथ देता रहा है. दुनिया के परिक्षेप्य में देखा जाए तो चीन की छबि एक विश्वासघाती या धोखेबाज मुल्क की है तो वहीं पाकिस्तान की छबि एक ऐसे मुल्क की है जो दुनिया में आतंक फैलाता है, आतंकियों को पनाह देता है. लेकिन ऐसा मामला सामने आया है जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ उसका सबसे करीबी दोस्त चीन ही खडा हो गया है.

चीन के साथ अपनी दोस्ती को हिमालय से भी उंची बताने वाले पाकिस्तान को उस समय बड़ा झटका लोगा जब सीरिया में तुर्की द्वारा की जा रही सैन्य कार्यवाई का चीन ने तीखा विरोध किया. चीन ने जहां तुर्की से सैन्य अभियान रोकने को कहा है, वहीं पाकिस्तान ने इसका समर्थन किया है. तुर्की ने पिछले सप्ताह ‘सीरियन कुर्दिश पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट्स’ (वाईपीजी) के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी जिसे वह अपने क्षेत्र में सक्रिय कुर्द विद्रोहियों की शाखा मानता है.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अभियान में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं तथा कम से कम 1 लाख 60 हजार लोग क्षेत्र से पलायन कर गए हैं. चीन ने मंगलवार को तुर्की से कहा कि वह उत्तरी सीरिया में जारी अपनी सैन्य कार्रवाई को रोके क्योंकि इससे आईएस के आतंकवादियों को भागने का मौका मिल सकता है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सीरिया की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकीकरण और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए तथा इसे बरकरार रखा जाना चाहिए.’’

उन्होंने आगाह किया कि तुर्की के अभियान के चलते आतंकवादी भाग सकते हैं और इस्लामिक स्टेट दोबारा पैर जमाने के लिए इस अवसर का लाभ उठा सकता है. इससे पहले आतंक को पनाह देने वाले मुल्क पाकिस्तान ने सीरिया में तुर्की की कार्यवाई का समर्थन किया था. ऐसे अब जब चीन ने तुर्की का विरोध किया तो पाकिस्तान हडबडा गया है. पाकिस्तान को डर है कि कहीं चीन उसके खिलाफ भी न हो जाए. बता दें कि यूएन सहित पूरी दुनिया तुर्की के खिलाफ है तथा सिर्फ पाकिस्तान उसका साथ दे रहा है.


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