जिन बौद्धों के खिलाफ इस्लामिक मुल्क फतवा जारी कर रहे, उन्हीं बौद्धों की शरण में गया श्रीलंका

बौद्ध समुदाय एक ऐसा समुदाय है जो पिछले कुछ वर्षों से इस्लामिक जगत की आँखों की किरकिरी बन गया है. जिस तरह इजराइल इस्लामिक जगत का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है उसी तरह अब बौद्धों को इस्लामिक कट्टरपंथी अपना दुश्मन मानने लगे हैं. इसका कारण म्यांमार में रोहिंग्या उन्मादी तथा बौद्धों के बीच का संघर्ष है. इसके बाद श्रीलंका में भी बौद्धों तथा मजहबी उन्मादियों के बीच संघर्ष की ख़बरें आई थी. दोनों ही जगह उन्मादियों ने बौद्धों को निशाना बनाया, उनका कत्लेआम किया, उनके धार्मिक प्रतीकों पर हमले किये और जब बौद्ध अपने लिए खड़े हुए तो वह इस्लामिक दुनिया की आँखों में खटकने लग गये.

तेलंगाना में भी मच गई भगदड़… TRS का सांसद बदल गया पाला और शामिल हुए उस पार्टी में जिनको वो आये दिन कोसते थे

जिन बौद्धों के खिलाफ तमाम इस्लामिक मुल्कों ने फतवे जारी किये थे, उन्हीं बौद्धों की शरण में श्रीलंका नतमस्तक है. मीडिया सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़, श्रीलंका में बिजली संकट की समस्या दूर करने की दरख्वास्त लेकर अधिकारी बृहस्पतिवार को बुद्ध की शरण में पहुंचे. बिजली संकट से निपटने के लिए देश में बिजली मुहैया कराने वाली सरकारी कंपनी ने ईश्वरीय शक्तियों का आह्वान किया है. कंपनी ने देश के उत्तरी हिस्से के उस पेड़ में पवित्र जल अर्पण करने के लिए अधिकारियों को भेजा जो बौद्धों के लिए पवित्र माना जाता है.

योगीराज में मिटेगी गुलामी की एक और निशानी? अब बदला जाएगा सुल्तानपुर का का नाम

बिजली आपूर्तिकर्ता सिलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ने कहा है कि श्री महाबोधि वृक्ष की पूर्जा अर्चना की जाएगी. यह पेड़ अनुराधापुर में है और देश के बौद्धों की इसमें असीम श्रद्धा है. बौद्ध भिक्षुओं का आशीर्वाद लेकर जल पात्रों को बोधि भेजा गया है. इसके बारे में माना जाता है कि यह पेड़ उस विशाल पेड़ का हिस्सा है जिसके नीचे करीब 2500 साल पहले भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी. इसी बोधि के निकट पूजा अर्चना की गई तथा पूरी रात चलने वाले धार्मिक कार्यक्रमों के बाद शुक्रवार को बौद्ध भिक्षुओं को भोजन कराया गया. श्रीलंका बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा कि भगवान बुद्ध की कृपा से बिजली संकट दूर हो जाएगा.

31 मार्च- 2011 में आज ही गिनी गई थी भारत की आबादी.. उस समय ये थी 121 करोड़ जो आज भी बढ़ रही बेतहाशा.. “ख़ास कर एक वर्ग की”

Share This Post