लीबिया के कट्टरपंथी तानाशाह गद्दाफी के बेटे की जान नरमपंथियों ने बख्श दी

लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी को मिलीशिया ग्रुप ने रिहा कर दिया है। मिलीशिया ग्रुप ने सैफ अल-इस्लाम को छह साल तक कैद रखने के बाद आजाद कर दिया है। बता दें कि सैफ पर 2011 से पूर्व लीबियाई नागरिकों की हत्या और उनका उत्पीड़न करने का आरोप है। इस मामले पर सुनवाई करते हुए त्रिपोली की एक अदालत ने सन 2015 में सैफ को उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी। 
सुनवाई में खामियों के चलते अदालत के फैसले पर सवाल उठाए गए थे। सैफ को कैद किये मलीशिया ने भी उन्हें लीबियाई अधिकारियों या किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था को सौंपने से इन्कार कर दिया था। सैफ के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने गिरफ्तारी आदेश जारी कर रखा है। कोर्ट ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराध का आरोपी बनाया है। मिलीशिया की ओर से जारी बयान में अबू बकर अल-सिद्दीक ने कहा कि सैफ को शुक्रवार को जिंतान में रिहा किया गया, जहां पर वह नवंबर 2011 से कैद में था। उसने जिंतान शहर को छोड़ दिया है। पिता मुअम्मर गद्दाफी को अक्टूबर में सिरते शहर में मारे जाने के एक महीने बाद सैफ को पकड़ा गया था। 
सन 2011 में विद्रोहियों ने कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के शासन के खिलाफ बगावत करके उनका तख्तापलट कर दिया था और उसके बाद भागते हुए गद्दाफी को पकड़कर उनकी हत्या कर दी थी, जिसके बाद लीबिया में अशांति है। लीबिया के अलग-अलग इलाकों में अलग सशस्त्र समूहों का कब्जा है। दो बड़े भूभागों पर अलग-अलग समूहों का कब्जा है। राजधानी त्रिपोली है जबकि दूसरा समूह अपना कामकाज पूर्वी तटवर्ती शहर तोबरुक से नियंत्रित करता है। दोनों समूहों की अलग-अलग संसद है, जो अपने हितों के मुताबिक फैसले लेती हैं।
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