रूस के बाद इस्लामिक मुल्क सीरिया पर अमेरिकी कहर. बमबारी में 100 से ज्यादा मरे

ऐसा लगा रहा है जैसे सीरिया में रहने वालों को अमेरिका और यूरोप के साथ इजरायल ने भी अपने शक्ति परीक्षण का अड्डा बना डाला है . आये दिन इन सभी में से किसी न किसी की बमबारी में वहां के तमाम आतंकी और सामान्य नागरिक मारे जा रहे हैं . कुछ दिन पहले रूस ने आसमान से वहां पर बरसाई थी और अब उसको जवाब देने के लिए अमेरिका ने भी वहाँ कर दी बमों की बौछार और बिछा दी लाशें . इस मामले में अमेरिका से सवाल जवाब करने की अब तक कोई हिम्मत नहीं कर पाया है .

ज्ञात हो कि सीरिया युद्ध पर पूरी नजर रखने वाली मानवाधिकार संस्थाओं के अनुसार इस्लामिक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट आतंकवादियों का अंतिम गढ़ देश का पूर्वी ग्रामीण इलाका देर अल-जोर को निशाना बनाकर अमेरिकी नेतृत्व के द्वारा किये गये हवाई हमलों में मारे गये लोगों में 80 बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। इस हमले के बाद वहां बारूद और धुएं की गंध फ़ैल गयी और हर तरफ भगदड़ मच गयी है .  सीरिया के पूर्वी प्रांत देर-अल जोर में पिछले एक हफ्ते में इस्लामिक स्टेट(आईएस) आतंकवदियों के खिलाफ अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाई हमले में कम से कम 105 लोग मारे गए।

सीरिया युद्ध पर निगरानी रखने वाले ये संस्था अपना मुख्यालय लंदन से चला रही है जिसके अनुसार सिर्फ १०५ ही नहीं बल्कि अभी मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई लोगों और लाशों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इस मामले में रूस के प्रभाव में चल रही सीरिया की असद सरकार ने अमेरिका के इस हस्तक्षेप के खिलाफ आवाज उठाई है और अन्तराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि वो अमेरिका के इस कृत्य की वैश्विक भर्त्सना करे .

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