मुस्लिम बहुल सीरिया से सटे सभी देशों ने सीमाओं पर तैनात किये सैनिक.. 3 लाख सीरियाई सीमाओं पर किसी अन्य देश में घुसने के लिए जमा

इस्लामिक स्टेट के आंतकियो के भारी खून खराबे को खत्म करने के लिए अमेरिका और रूस के विमानों ने जिस प्रकार से बमबारी की है उसके बाद सीरिया में भले ही आंतरिक रूप से शांति होती दिखाई दे रही है लेकिन उसके पड़ोसी देशों के लिए एक नई आफत आ चुकी है . ईराक और सीरिया के कई शरणार्थी यूरोप के देशो में जमा हुए हैं जिन्होंने फ्रांस , ब्रिटेन , स्पेन और जर्मनी जैसे देशो में ऐसी खून की होली खेली है कि अब उनका धैर्य जवाब दे चुका है .

विदित हो कि सीरिया से सटे सभी देशो ने अपनी सीमाओं पर भारी संख्या में सैनिको की तैनाती कर दी है .. सैनिको को स्पस्ट आदेश भी दिए गये है किसी भी अवैध घुसपैठ के खिलाफ कड़े कदम उठाने की . सीरिया के अन्दर अब चल रहे अमेरिका और रूस के बीच वर्चस्व की लड़ाई में तुर्की , कुर्द और इजरायल जैसे देशो के शामिल हो जाने के बाद सीरिया बमो और बारूद का ढेर बन चुका है . हर दिन और हर पल वहां की बमबारी के चलते अब तक हजारो मौतें हो चुकी हैं ..

मौत के इस नंगे नाच को देखते हुए कई सीरियाई अब अपना घर छोड़ कर अपना परिवार ले कर भाग रहे हैं उन्हें किधर जाना है ये नहीं पता पर भागते भागते वो सीमाओं पर जमा हो गये हैं . सीरिया से सटे सभी देशो ने सीमाओं पर सैनिक तैनात कर दिए हैं जिसके चलते वो सीमा के अन्दर बॉर्डर पर ही रोक दिए गये हैं . सीरिया युद्ध पीडितो की मदद कर रहे NGO के अनुसार सीरिया की सीमाओं पर इस समय लगभग 3 लाख लोग जमा हैं जो किसी अन्य देश में घुसने की फिराक में हैं .

इसमें सबसे खास बात ये है कि मुसलमानों के लिए सबसे ज्यादा बयानबाजी करने वाले इस्लामिक मुल्क तुर्की की सीमा पर सबसे ज्यादा सीरियाई जमा हैं लेकिन वो भी अपने सैनिक उनके अन्दर आने के लिए हटाने पर राजी नहीं है . ये तुर्की के 2 अलग अलग चेहरे दिखा रहा है . NGO के मुताबिक वहां मौजूद सभी शरणार्थी खाने पीने के साथ तमाम जरूरती और बुनियादी सुविधाओ से वंचित हैं . शरणार्थी कैम्प की क्षमता लगभग 1 लाख है लेकिन वहां इस समय 3 लाख लोग जमा हैं जिसमे 2 लाख लोगों के रहने की कोई व्यवस्था नहीं है .

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