बौद्धों के हत्यारों की लिस्ट बना रहा है बंग्लादेश… अब तक उसमें देश में 10 लाख से ज्यादा

ये भारत के उन नेताओं के लिए सबसे बड़ा सबब है जो म्यांमार से भगाए रोहिंग्या मुसलमानों को हिन्दुस्तान में शरण देना चाहते थे. बांग्लादेश में प्रवासी विभाग के अधिकारियों ने 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमानों को पंजीकृत किया है. सोचो अगर मोदी सरकार ने इनके प्रति नरमी दिखाई होती तो आज देश का क्या हाल होता. क्या ये लोग एक भयानक जिहाद को अंजाम नहीं देते? क्या भारत में आतंकियों की तादात नहीं बढती? दुर्भाग्यवश यदि देश में कांग्रेस, टीएमसि या अन्य दलों की सरकार होती तो, ‘आज इन 10 लाख रोहिंग्या मुसलमानों का भारत में पंजीकरण हो रहा होता.

पासपोर्ट और प्रवासी विभाग के उपनिदेशक अबू नोमान मोहम्मद जाकिर हुसैन ने कहा की उन्होंने अब तक 10,04,782 रोहिंग्या मुसलमानों का पंजीकरण कर दिया है। जिसमे लगभग 95 प्रतिशत रोहिंग्याओं का पंजीकरण हो चूका है. उन्होंने कहा बहुत से रोहिंग्याओं की आतंकि गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यह कार्य किया जा रहा है. जिसकी प्राथमिकता किसी भी रोहिंग्या को बांग्लादेश का पासपोर्ट नहीं बनाने देने की होगी.

उन्होंने कहा कि देश की आतंरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये काम किया जा रहा है. कहा की रोहिंग्या शरणार्थियों से देश को खतरा है इसलिए उनके परिवार के सदस्यों का विवरण, म्यांमार में पता और परिवार के सदस्यों की उंगलियों के निशान लिए जा रहे हैं। आपको बता दें कि भारत के कई राज्यों में रोहिंग्या बिना पहचान के रह रहे है. जिनसे देश की आतंरिक सुरक्षा को खतरा है.

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