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हर कहीं, हमेशा अपनी गलती दूसरों पर थोपने का अभियान… अरब-कतर झगड़े में रूस को कर रहे बदनाम

पहले मुस्लिम मुल्क एक दुसरे पर आरोप लगा रहे थे और सऊदी अरब, बहरीन, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात ने कतर के साथ राजनयिक संबंध तोड़ दिए। इन देशों का आरोप था कि कतर की ओर से आतंकियों को सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन इन देशों ने अपनी गलती को रूस के ऊपर थोप दिया है। कतर की खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस साजिश के पीछे रूसी हैकरों का हाथ है।

कतर का कहना है कि रूस के हैकरों ने ही कतर के न्यूज सिस्टम में घुसकर एक फेक न्यूज प्लांट कर दी, जिससे कतर के लिए राजनियक संकट पैदा हो गया है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि रूसी हैकर्स ने कतर के खिलाफ एक झूठी खबर प्लांट की और इसी खबर के आधार पर सऊदी व उसके सहयोगी देशों ने कतर के साथ संबंध तोड़ने का फैसला किया।

इसी झूठी खबर के आधार पर सऊदी और उसके साथी देशों ने कतर पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाया। कतर के मुताबिक, हैकर्स ने 23 मई को उनकी आधिकारिक मीडिया में एक झूठी खबर प्लांट की। इसमें UAE के शासक के लिए ऐसा बयान दिया गया था, जो कि ईरान और इजरायल के प्रति कतर के रिश्तों को काफी दोस्ताना बनाकर पेश कर रहा था।

साथ ही, इस खबर में यह शंका भी जताई गई थी कि क्या डॉनल्ड ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा कर सकेंगे। बता दें कि पांच जून को सऊदी अरब, बहरीन, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात समेत सात देशों ने कतर के साथ राजनयिक रिश्ते खत्म को खत्म कर दिया। इसके साथ ही इन देशों ने कतर के साथ जमीनी, समुद्री और हवाई संपर्क भी खत्म कर दिए।

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