चट्टान की तरह पैर जमा दिया म्यांमार ने.. बांग्लादेश से बोला – शारणार्थी बाद में देना, पहले 1300 उन कातिलों को सौपों जिन्हें छिपा रखा है तुमने बिलों में

म्यांमार ने बांग्लादेश में चट्टान की तरह पैर जमा दिए है, और अब म्यांमार बांग्लादेश से उन 1300 कातिलों की मांग कर रहा है। जिन्होंने रखाइन राज्य में सरकारी चौकियों पर हमला बोला था ।

आपको बता दे कि रोहिंग्या जीते जागते मानव बम हैं जो कभी भी फट सकते है। सुरक्षा बलों को मिली जानकारी के मुताबित म्यांमार से आये रोहिंग्या को अलकायदा ने ट्रेंड किया हैं जिहाद के नाम पर जो की कभी भी आतंकवाद को अंजाम दे सकते है।

पहले तो म्यांमार रोहिंग्या शारणार्थी को वापस बुलाने के लिए राजी हो गया लेकिन अब उसने 1,300 से अधिक संदिग्ध रोहिंग्याओं का वापस बुलाने की मांग बांग्लादेश के सामने रख दी है।
आपको बता दे कि म्यांमार ने गुरुवार को कहा कि उसने बांग्लादेश से पिछले साल अगस्त में रखाइन राज्य में सरकारी चौकियों पर विद्रोहियों द्वारा किए गए हमलों में हिस्सा लेने वाले 1,300 से अधिक संदिग्ध रोहिंग्याओं को गिरफ्तार कर उन्हें प्रत्यर्पित करने का आग्रह किया
घटना के बाद से ही पूरे देश में विद्रोहियों के खिलाफ हिंसक सैन्य अभियान शुरू किया गया जिसके कारण मानवीय संकट पैदा हो गया और कम से कम 650,000 रोहिंग्या बांग्लादेश में घुस आए ।

सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक , नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और देश की वास्तविक नेता आंग सान सूची के नेतृत्व में म्यांमार स्टेट काउंसलर ऑफिस ने अराकान रोहिंग्या सालवेशन आर्मी ने कथित सदस्यों की तस्वीरें प्रकाशित की हैं।

आपको बता दे कि पुलिस चौकी पर अगस्त में एआरएसए के हमले बाद म्यांमार के सुरक्षा बलों ने आक्रामक रुख अपना लिया। जिसके बाद मानवाधिकार संगठनों ने म्यांमार के सैनिकों पर दुष्कर्म , हत्या और रोहिंग्या गांवों को ध्वस्त करने का आरोप लगाया है।

और अब दोनों देश बांग्लादेश में आने वाले शरणार्थियों को वापस बुलाने का समझौता किया है। हालाकि कई मानवीय संगठनों ने बार-बार इस समझौते की निंदा की हैं। उनके अनुसार , रोहिंग्याओं के लिए म्यांमार सुरक्षित नहीं है।

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