Breaking News:

कभी हिन्दू राष्ट्र था तो शांत था, अब सेक्यूलर मुल्क हुआ तो बन गया इस्लामिक आतंकियों का ठिकाना.. पुलवामा का आ रहा नेपाल कनेक्शन

नेपाल जो एक समय हिन्दुराष्ट्र हुआ करता था तब पूरी दुनिया में नेपाल को शांति के प्रतीक के रूप में देखा जाता था. समय बदला तथा नेपाल के कुछ राजनेताओं के दिमाग में भी कथित सेक्यूलरिज्म का कीड़ा प्रवेश कर गया तथा इसके बाद आज नेपाल इस्मालिक आतंकियों की पनाहगार बन चुका है. इस्लामिक आतंकवाद के कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसका संबंध नेपाल से पाया गया है तथा कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले में नेपाल कनेक्शन सामने आने के बाद खलबली मच गई है.

खबर के मुताबिक़, जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंवादी हमले की जांच कर रही एजेंसी ने पाया है कि हमले में प्रयोग किया गया आरडीएक्स पाकिस्तान से लाया गया था. ये विस्फोटक भारत में नेपाल के रास्ते से लाया गया था. खबर यह भी है कि नेपाल के रास्ते घातक हथियारों और आरडीएक्स जैसे विस्फोटकों की बड़ी खेप भारत में लाया गया था. जांच में ये भी पता चला है कि पाकिस्तान में बैठा आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से ट्रेंड आतंकियों को भारत में दाखिल कराया था.

पुलवामा आतंकी हमले में नेपाल कनेक्शन सामने आने के बाद भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी सक्रिय हो गई हैं. सुरक्षा सलाहकारों की मानें तो इस घटना के बाद भारत-नेपाल बॉर्डर को बांग्लादेश की सीमा से भी ज्यादा संवेदनशील बॉर्डर रूप में देखे जाने  की जरूरत है. नेपाल-भारत सीमा से सटे उत्तर प्रदेश, बिहार में ISI के एजेटों की सरगर्मी हाल के दिनों में बढ़ी है, जिनकी मदद से विस्फोटक सड़क के जरिये चोरी-छुपे जम्मू कश्मीर तक लाने में पाकिस्तानी आतंकी संगठन सफल हो रहे हैं.

कश्मीर घाटी मे तैनात रह चुके भारतीय सेना के पूर्व ब्रिगेडियर हेमंत महाजन का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी सीमा पर भारतीय सेना बेहद चौकसी बरत रही है, लिहाजा बड़े विस्फोटकों के जखीरे के साथ घाटी में घुसना टेढ़ी खीर है और पाकिस्तानी आतंकी सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिये नेपाल, बंग्लादेश जैसे देशों से होते हुये भारत में आतंकी साजो-सामान भेज रहे हैं. रिटायर्ड ब्रिगेडियर हेमंत महाजन ने कहा, ‘घाटी मे सेना घुसपैठ को बंद कर चुकी है. इतना बड़ा विस्फोटक का जखीरा सीमा पार से दूसरे रूट से लाया लाया गया होगा। नेपाल बार्डर का इस्तेमाल हुआ हो सकता है.’

Share This Post