“धर्मनिरपेक्ष” जर्मनी में खुली यूरोप की सबसे बड़ी मस्जिद


आख़िरकार धर्मनिरपेक्षता की राह पर चल रही जर्मनी की सरकार को बाध्य होना पड़ा इस्लामिक मुल्क तुर्की के आगे और फिर जर्मनी गवाह बन गया है यूरोप की सबसे बड़ी मस्जिद का अपनी जमीन में होने का . इसका व्यापक विरोध भी हुआ है लेकिन वो तमाम विरोध जर्मनी की सरकार के कड़े सुरक्षा के चलते ध्वस्त हो गये . जी हाँ , अब यूरोप की सबसे बड़ी मस्जिद है जर्मनी में जो पिछले कुछ समय के कई आंतकी हमलों का शिकार हो रहा है .

विदित हो कि तुर्की के करीबी जर्मनी में इस्लामिक ग्रुप ने कोलोन में इस विशाल मस्जिद को खड़ा किया है। जर्मनी दौरे पर आए एर्दोगन ने कहा कि उनका यहां आने का मकसद दोनों देशों के बीच रिश्तों को फिर से पटरी पर लाना है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने पिछले सप्ताह जर्मनी में एक बड़ी मस्जिद का उद्घाटन कर अपने यूरोप दौरे को समाप्त किया। जर्मनी के कोलोन में यूरोप की सबसे बड़ी मस्जिद को खोलकर एर्दोगन ने जर्मन सरकार का शुक्रिया अदा किया। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कोलोन में मस्जिद खोलकर इसे शांति का प्रतिक बताया है।

लेकिन इसका व्यापक विरोध भी किया गया था . एर्दोगन जब मस्जिद पहुंचे तब हजारों की संख्या में उनका विरोध और समर्थन करने लोग खड़े थे। जर्मनी के अखबारों ने एर्दोगन का विरोध किया है। जर्मनी के सबसे बड़े अखबार ‘बिल्ड’ ने अपने फ्रंट पेज पर लिखा कि एर्दोगन ने जर्मनी के खिलाफ नफरती भाषण दिया है। जर्मनी के कोलोन में सबसे ज्यादा तुर्की प्रवासी लोग रहते हैं। एर्दोगन का जर्मनी की मीडिया और वहां की कई राजनीतिक पार्टियों ने विरोधि किया है। यहाँ ध्यान देने योग्य है कि तुर्किश-इस्लामिक यूनियन ऑफ द इंस्टिट्यूट रिलिजियन (दीतिब) को तुर्की फंडिंग करता है। दीतिब ने जर्मनी में सैकड़ों मस्जिदें खोली है और उसके कई मेंबर्स को तुर्की से निकाले गए लोगों पर जासूस करने का आरोप है।

 

 

 

 

 


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