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अब बंगलादेश ने कुतर दिये रोहिग्या के पंख.. लगाया ऐसा प्रतिबन्ध जिस पर सेकुलर देशो में उठ जाते सवाल

यकीनन ऐसा प्रतिबंध अगर किसी सेक्युलर देश में लगाया गया होता तो इस पर वहां के सेक्युलर तत्व कर देते हंगामा और मचा देते कोहराम.. म्यन्मार के लिए कभी आफत बने रोहिग्या को कोई भी देश अपने यहाँ नही रखना चाह रहा है जबकि कुछ देशो में तो उन्हें अपने देश में रखने के लिए बाकायदा अदालत में याचिका तक डाल दी गई है . इनकी संदिग्ध और आपराधिक के साथ आतंकी हरकतों को देखते हुए अब इन पर बंगलादेश ने भी कस दिया है शिकंजा.

ध्यान देने योग्य है कि अब बंगलादेश ने अपने देश में रह रहे रोहिग्या पर कड़े प्रतिबन्ध लगाने शुरू कर दिए है.. ये वही इस्लामिक मुल्क बंगलदेश है जिसने दुनिया भर में सबसे ज्यादा आर्थिक सहयोग रोहिग्या को अपने देश में रखने के लिए लिया है . यहाँ पर आये दिन रोहिग्या लूट के साथ साथ मानव तस्करी आदि अपराधो में संलिप्त पाए गये थे जिसके बाद अब बंगलादेश सरकार ने इनके पंखो को कुतर देने का फैसला कर लिया है.. यहाँ सबसे बड़ा रोहिग्या कैम्प कॉक्स बाजार में है .

बांग्लादेश के दूरसंचार नियामक निकाय ने ऑपरेटरों से देश के दक्षिणपूर्व में बेतरतीबी से फैले हुए शिविरों में सुरक्षा खतरे और फोन के गैरकानूनी इस्तेमाल का हवाला देते हुए मोबाइल सेवाएं बंद करने को कहा है। इन शिविरों में म्यामांर से भागे हुए हजारों रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं। बांग्लादेश दूरसंचार नियामक आयोग के प्रवक्ता जाकिर हुसैन खान ने कहा कि उन्होंने ऑपरेटरों से सात दिन के भीतर आदेश पर जवाब देने के लिए कहा है। उन्होंने फोन पर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की वजहों से यह फैसला लिया गया है।

इस गंभीर विषय पर अपने सरकार के स्टैंड को स्पष्ट करते हुए उन्होंने आगे कहा कि हम यह देखकर हैरान रह गए कि रोहिंग्या शरणार्थी गैरकानूनी तरीके से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और हमें स्थिति स्पष्ट नहीं है। यह पूछे जाने पर कि देश किस तरह के सुरक्षा खतरे का सामना कर रहा है, इस पर खान ने कहा कि शिविरों में हाल के एक सर्वेक्षण से पता चला कि वहां सेलफोन गैरकानूनी तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है।

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