दोनों पाकिस्तानी हिन्दू बच्चियां जब मिली तब तक जबरन बनाई जा चुकी थी मुसलमान.. दोगुनी उम्र के शौहरों के साथ कराया निकाह

अब न तो तो कोई बुद्धिजीवी इस पर कुछ बोल रहा है और न ही कोई मानवाधिकारी.. इस शर्मशार करने वाली तथा इंसानियत को कुचलने वाली घटना पर वो लोग भी चुप्पी साध गये हैं जो सीरिया, लीबिया, न्यूजीलैंड की घटना पर हिंदुस्तान में आन्दोलन करते हैं. इसका कारण संभवतः पीड़ित बच्चियों का धर्म हिन्दू होना है और शायद इन कथित ठेकेदारों के लिए मजहबी उन्मादियों द्वारा हिन्दुओं को प्रताड़ित किया जाना, उन्हें उनके धर्म से विमुख किया जाना, जबरन उनका अपहरण तथा धर्मान्तरण किया जाना कोई मुद्दा नहीं होता.

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आपको बता दें कि पाकिस्तान में दो हिन्दू बच्चियों का अपहरण कर उनको जबरन मुसलमान बना दिया गया. मामला पाकिस्तान के सिंध के घोटकी का है. खबर के मुताबिक, पाकिस्तान के सिंध के घोटकी से दो नाबालिग हिंदू बहनों को अगवाकर जबरन उनका धर्म परिवर्तन कर मुसलमान बनाया गया तथा दोगुनी उम्र के व्यक्तियों के साथ निकाह करवा दिया गया. पाकिस्तान में गठित हिंदू सेवा वेलफेयर ट्रस्ट के संजेश धंजा ने बताया कि दो बहनों को कुछ मुस्लिम युवा उस समय जबरदस्ती उठाकर ले गए जब हिंदू समाज होली मना रहा था.

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कराची से पाकिस्तान हिन्दू सेवा वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष संजेश धंजा ने बताया कि 13 साल की रवीना और 15 साल की रीना को तौर पर अपहरण करके उनकी शादी करवाने के बाद उन्हें इस्लाम क़बूल करवा दिया गया. पहले तो पुलिस इस मामले में FIR तक दर्ज नहीं कर रही थी लेकिन बाद में हिन्दू समाज के लोगों के तीव्र विरोध के बाद FIR दर्ज की गई.

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