80 बार भारत आ और जा चुका था बंगलादेशी घुसपैठी रज्जाक.. बेचता था लड़कियां

निश्चित तौर पर जवाबदेही होनी चाहिए उन तमाम तथाकथित बंगलादेशी पैरोकारों की जो भारत की अस्मिता और अखंडता को हाशिये पर रख कर इन दरिंदो को भारत में पनाह देने की पैरवी करते हैं. हैरानी की बात ये है कि इतने प्रमाणों और अपराधिक इतिहास के बाद भी न जाने किस आधार पर इनकी पैरवी की जाती है और इनको देश से निकालने का विरोध किया जाता है . एक बार फिर से रज्जाक की हरकतों ने ये सबित किया है कि इनको अविलम्ब निकाले जाने योग्य है .

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एक बार फिर से उत्तर प्रदेश की GRP ने अपनी सक्रियता से उस कुख्यात को दबोचा है जो एक या दो बार नहीं बल्कि भारत में 80 बार आ जा चुका था .. आखिर इसको इतनी छूट किसने दी और बार बार बॉर्डर कौन पा करा रहा था अब ये सवाल समझना और जानना बेहद जरूरी हो गया है .. बांग्लादेश से भारत में लड़के-लड़कियों की तस्करी करने वाला अब्दुल रज्जाक नामक तस्कर आखिरकार पकड़ लिया गया है। जीआरपी ने उसे कानपुर सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया।

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पुलिस को उससे एक लड़की भी बरामद हुई, जिसे वह दिल्ली लेकर जा रहा था। पूछताछ में सामने आया कि वह बांग्लादेश से 80 बार भारत आ चुका है। उसके पास मिले पासपोर्ट एवं अन्य दस्तावेजों से अब अन्य बातें पता की जा रही हैं।  जीआरपी की पूछताछ में यह बात निकलकर आयी कि वहां उन्हें नौकरी का झांसा दिया जाता था। बाद में भारत पहुंचाने के बाद उनकी तस्करी की जाती थी। सोमवार को कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर आयी सियालदाह अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन से जीआरपी ने तीन लड़के-लड़कियों को पकड़ा। जिनमें अब्दुल रज्जाक तस्कर था।

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