न्यूजीलैंड में ब्रेंटन टैरंट के हाथों मारे गये “अरीब अहमद” ने अपनी सोशल प्रोफाइल पर लिखा था- “गजवा ए हिन्द”

अब तक शांत रहने वाले न्यूजीलैंड में जो अशांति पिछले कुछ समय से फैली है उसमें एक वर्ग को पीड़ित , शोषित और बेहद दबा कुचला अदि दिखाने की कोशिश चल रही है लेकिन उसी बीच से निकल कर आ रही है ऐसी खबर जो कम से कम भारत में रहने वाले तमाम देशभक्तों को एक बार रुक कर सोचने पर मजबूर कर सकती है . गजवा ए हिन्द एक ऐसा शब्द है जो इस से पहले भी कई लोगों के मुह से कहा गया है जिसको किसी भी हाल में सेकुलर कार्य नहीं कहा जा सकता है .

ज्ञात हो कि न्यूजीलैंड में धर्मांतरण और लैंड जिहाद आदि के मुद्दों को आगे रख कर ब्रेंटन टैरंट  ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई  जिसमे कई लोगों की मौतें हुई हैं . इस हमले में मारे गये मुस्लिमों में न्यूजीलैंड से बाहर के मुस्लिम थे जिसमे भारत, पाकिस्तान , सऊदी अरब , जार्डन,  फिजी आदि  मुसलमान शामिल हैं जो जुमे के दिन वहां पर नमाज़ पढने के लिए गये थे .  अभी कुछ मौतें ऐसी भी हैं जिनकी पहिचान न्यूजीलैंड सरकार करवा रही है .

लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक खबर के अनुसार ब्रेंटन टैरंट के हमले में घायल होने वाले एक पाकिस्तानी ने बाकायदा अपनी सोशल प्रोफाइल पर गजवा ए हिन्द  लिखा था और उसका समर्थक होने की बात कही थी . गजवा ए हिन्द अक्सर भारत के भी कुछ उन्मादियो के द्वारा बोला जाता सुना गया है जिसमे लखनऊ से गिरफ्तार होने वाले एक उन्मादी का उदहारण प्रमुख है जो अपने फेसबुक से वीडियो बना कर डालता रहता था और बाकायदा अपना नम्बर और पता भी दिया करता था .

हमले का शिकार हुए इसका नाम सैयद अरीब अहमद था जो पाकिस्तान का रहने वाला था . उसको ब्रेंटन टैरंट की गोलियां लगी थी जो काफी समय तक घायल अवस्था में अपना इलाज़ करवाता रहा और बाद में उसने दम तोड़ दिया. इसने THE Institute accounts of Pakistan से पढाई की थी और सीनियर एसोसिएट्स के पद पर न्यूजीलैंड में एकाऊंट विभाग में था . हमले के समय वो मस्जिद के अंदर था जो ब्रेंटन टैरंट की गोलियों का शिकार बन कर काफी समय बाद   आखिर में दम तोड़ गया . यद्दपि  इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है लेकिन फिलहाल गजवा ए हिन्द के मंसूबे रखने वाली की मौत की खबर के बाद कई लोगों ने इस मामले को थोडा अलग नजरिये से देखना शुरू कर दिया है …

देखिए वो ट्विट, स्क्रीन शॉट और उस पर आये कमेन्ट –

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