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कश्मीर में बंद हुए पाक-सऊदी चैनल, अखबारों में नज़र आ रही है बौखलाहट

जम्मू कश्मीर में अवैध रूप से प्रसारित किए जा रहे पाकिस्तानी चैनलों पर केंद्रीय सरकार का कड़ा रुख सामने आया हैं। जिसके चलते पाकिस्तान की नाखुश मीडिया सरकार के इस फैसले का विरोध करती नज़र आ रही हैं और साथ ही इन चैनलो का गुणगान भी कर रहे हैं। बता दें कि कश्मीर के घरों में सऊदी और पाकिस्तानी चैनलो को अवैध रूप से प्रसारित किया जा रहा हैं, किसी भी चैनल को प्रसारित करने के लिए सरकार द्वारा मंजूरी लेना अनिवार्य होता है तथा बिना किसी मंजूरी के यह चैनल कश्मीर में प्रसारित किये जा रहे है। 
जिससे कश्मीर की जनता के बीच विवाद को बढ़ावा मिल रहा है और बढ़ते विवाद पर रोकथाम करना भी सरकारी रुख का कारण है। इन चैनलों में जाकिर नाइक का प्रतिबंधित पीस टीवी सहित और भी भारत विरोधी प्रचार में शामिल हैं। जाकिर नाईक के पीस टीवी के अलावा प्राईवेट ऑपरेटर्स पाकिस्तानी चैनल्स जैसे सऊदी सुन्ना, सऊदी कुरान, अल अरेबिया, पैगाम, हिदायत, नूर, मदानी, सेहर, कर्बाला, हदी, एरी क्यूटीवी, मैसेज, फलक, जियो न्यूज, डॉन न्यूज जैसे चैनल्स भी चलाते हैं।
गौरतलब है कि सरकार ने इन प्राइवेट चैनलों पर रोक लगानी शुरू कर दी है। घाटी में सूचना प्रसारण मंत्रालय की बिना अनुमति प्रसारित होने वाले पाक चैनलों की ओर से घाटी में हिंसा को भड़काने की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार में हरकत में आई। इस मामले में केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने इस बार राज्य सरकार को आवश्यक कार्रवाई की शुक्रवार को हिदायत दी थी।   
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