Breaking News:

दुनिया बहुत पहले मान चुकी थी, पर अब पाकिस्तान ने माना की हाफिज सईद है आतंक का आका

इस्लामाबाद : आखिरकार पाकिस्तान को मानना ही पडा की हाफिज सईद वास्तव में एक आतंकवादी है और उसके 4 सहयोगी जिहाद के नाम पर आतंकवाद फैला रहे हैं, इसलिए पुलिस ने इनको गिरफ्तार कर लिया है। पाकिस्तान की इंटीरियर (आंतरिक) मिनिस्ट्री ने एक ज्यूडीशियल रिव्यू बोर्ड से यह कहा है। बता दें कि हाफिज 26/11 मुंबई टेरर अटैक का मास्टरमाइंड है। पाकिस्तान ने एक मार्च को हाफिज सईद और उसके साथियों को 30 अप्रैल को 90 दिनों तक नजरबदं किया था।  

मीडिया के अनुसार, हाफिज सईद को शनिवार को ज्यूडीशियल रिव्यू बोर्ड के सामने ले जाया गया। इसी के चलते उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान सरकार ने उसे इसलिए गिरफ्त में लिया है ताकि वह कश्मीरियों के लिए आवाज उठा ना सके। जबकि इंटीरियर मिनिस्ट्री ने हाफिज की दलीलों को खारिज कर दिया और 3 मेंबरों वाले बोर्ड से कहा कि हाफिज और उसके साथी जिहाद के नाम पर आतंकवाद फैला रहे हैं।

ज्यूडीशियल रिव्यू बोर्ड ने इंटीरियर मिनिस्ट्री को आदेश जारी किया है कि तीन सदस्यों वाले इस बोर्ड में सुप्रीम कोर्ट के जज एजाज अफजल खान, लाहौर हाई कोर्ट की जज आयशा ए मलिक और बलूचिस्तान हाई कोर्ट के जज जमाल खान शामिल हैं जिन्हें 15 मई को होने वाली अगली सुनवाई तक सईद और उसके चार साथी जफर इकबार, अब्दुल रहमान आबिद, अब्दुल्लाह उबैद और काजी कशीफ नियाज को हिरासत में लेने संबंधी सभी रिकॉर्ड सबमिट करने हैं। बोर्ड ने अगली सुनवाई में पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल को भी पेश होने को कहा।

हाफिज सईद और उसके 4 सहयोगियों को सुप्रीम कोर्ट की लाहौर कोर्ट में भारी सुरक्षा के बीच भेजा गया। उसी बीच कोर्ट में सईद के सहयोगी वहां पर थे। हाफिज के वकील एके डोगर भी कोर्ट रूम में थे, परन्तु लश्कर-ए-तैयबा के फाउंडर हाफिद ने खुद अपनी दलील रखने की अपील की। बता दें कि हाफिज ने कहा है कि मेरे ऊपर लगाये आरोप सब झूठे है और कहा है कि मुझे और मेरी पार्टी को कश्मीर की आजादी के लिए आवाज उठाने और कश्मीर पर सरकार की कमजोर नीति की आलोचना करने के लिए परेशान किया जा रहा है।

Share This Post