Breaking News:

जिस गद्दार वामपंथी चीन ने सबको दिया है धोखा, इस्लामिक मुल्क पाकिस्तान उसे मान रहा था वफादार.. अब दूर हुई गलतफहमी

वामपंथी मुल्क चीन की छबि एक ऐसे मुल्क की है जो हमेशा अपने साथियों को धोखा देता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन विस्तारवादी नीति को मानता है जिसके तहत वह अनायास ही दूसरे देशों की जमीन के कुछ हिस्सों को अपना बताता रहता है. चीन की इसी नीति के कारण भारत से भी उसके संबंध तनावपूर्ण रहते हैं. जो चीन अक्सर धोखेवाजी करता आया है, उस चीन को पाकिस्तान अपना वफादार मित्र मान रहा था लेकिन चीन ने अब पाकिस्तान को भी करारा झटका दिया है.

सभी जानते है कि पाकिस्तान इस समय कंगाली की स्थिति से गुजर रहा है तथा पाकिस्तान उसके आर्थिक हालात तेजी से खराब हो रहे हैं. पाक पीएम इमरान खान इसी कारण कटोरा लेकर दुनिया भर के देशों के आगे हाथ फैलाते घूम रहे हैं. अब पाकिस्तान की इस तंगहाली के बीच चीन ने भी पाकिस्तान से अपना हाथ खींच लिया है. दरअसल, चीन हमेशा से पाकिस्तान का बेस्ट फ्रेंड  माना जाता रहा है, जो कि हर मुश्किल में उसके साथ खड़ा होता है लेकिन चीन ने भी पाकिस्तान से अपने हाथ खींच लिए हैं.

पाकिस्तान के अखबार डॉन (Dawn) में छपी खबर के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 के जुलाई-अगस्त महीने में चीन से निवेश घट गया है. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल FDI यानी विदेशी निवेश 57.8 फीसदी गिरकर 8.34 करोड़ डॉलर (करीब 592.14 करोड़ रुपये) पर आ गया है. वहीं, इससे पहले साल 2018 में 19.79 करोड़ डॉलर (करीब 1405.09 करोड़ रुपये ) था.

मीडिया सूत्रों से बताया गया है कि पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, चीन ने जुलाई-अगस्त में सिर्फ 2.89 करोड़ डॉलर (करीब 205.19 करोड़ रुपये) का निवेश किया है जबकि साल 2018 में इस दौरान चीन ने कुल 21.6 करोड़ डॉलर (करीब 1533.6 करोड़ रुपये) का निवेश किया था. पाकिस्तान   में चीन के इतने कम निवेश से पाकिस्तान भौचक्का है तथा उसकी हालात ख़राब हो गई है.

इसके अलावा पाकिस्तान को चीन से उम्मीद थी कि चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग भारतीय पीएम मोदी के समक्ष कश्मीर मुद्दा उठाएंगे लेकिन चीन ऐसा नहीं करने जा रहा है. बता दें कि जल्द ही चीन के राष्ट्रपति सही जिनपिंग भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले हैं. जानकारी के मुताबिक़, इस दौरान कश्मीर पर कोई बात नहीं होगी. चीन के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि ये पीएम मोदी और शी जिनपिंग पर निर्भर करेगा कि वो किन-किन मुद्दों पर चर्चा करने वाले हैं लेकिन इसमें कश्मीर मुद्दा नहीं है. चीन का ये रुख पाकिस्तान के लिए करारा झटका है.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने हेतु हमे आर्थिक सहयोग करे. DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW