पाकिस्तान में होली पर घर से अपहरण कर जबरन मुसलमान बनाई गई थी दो नाबालिग हिन्दू बहनें.. उस पर ये रहा पाकिस्तानी कोर्ट का फैसला

होली पर इस्लामिक मुल्क पाकिस्तान से मानवाधिकारों को कुचलने वाली खबर सामने आई थी जिसने पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के नए पाकिस्तान की झलक दिखाई थी. इमरान का वो नया पाकिस्तान जहाँ धार्मिक अल्पसंख्यक आजादी से नहीं जी सकते हैं तथा उन पर इस्लामिक मजहबी उन्मादियों पर क्रूरतम अत्याचार एक आम बात है. खबर ये थी कि रंगों के पावन पर्व होली पर पाकिस्तान में दो हिन्दू बहनों का घर से अपहरण कर उनका धर्मान्तरण कर उन्हें मुसलमान बनाया गया था तथा दोगुनी से ज्यादा उम्र के व्यक्तियों के साथ उनका निकाह करा दिया गया था. दोनों बहनों का कलमा पढ़ते हुए वीडियो सामने आया था.

अरब के शेखों की हवस मिटाने के लिए उनका दलाल रहता था भारत में.. उसका नाम है आसिफ

इसके अलावा एक वीडियो और सामने आया था जिसमें जबरन मुसलमान मुसलमान बनाई गईं बहनों के पिता थाने के सामने बदहवास अवस्था में चीख रहे थे, चिल्ला रहे थे तथा अपनी बच्चियों को वापस मांग रहे थे. वीडियो वायरल होने पर ये मामला पाकिस्तान के कोर्ट पहुंचा. अब इस मामले पर पाकिस्तान के कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि दोनों को जबरन मुसलमान नहीं बनाया गया और वे अपने पतियों के साथ रह सकती हैं. रवीना (13), रीना (15) को पाकिस्तानी कोर्ट ने नाबालिग मानने से इंकार कर दिया है.

“हरा संक्रमण” का फिर से आया नाम… यही नाम कभी लिया करते थे बाला साहेब ठाकरे

दोनों लड़कियों के पिता और भाई ने आरोप लगाया था कि लड़कियां नाबालिग हैं. लड़कियों को अगवा कर उनका जबरन धर्मांतरण कराया गया और मुस्लिम व्यक्तियों से शादी करा दी गई. आरोप था कि डरा धमका कर दोनों नाबालिग बच्चियों को मुसलमान बनाया गया है. चीफ जस्टिस अतहर मिनाल्लाह ने इस बात की जांच के लिए पांच सदस्यीय आयोग बनाया था कि क्या इन दोनों हिंदू बहनों का जबरन धर्मांतरण कराया गया या मामला फिर कुछ और है.

जमात-ए-इस्लामी के बाद सुन्नी उलेमा बोले- “मुसलमानो! हिन्दू पार्टी को नहीं बल्कि अपनी कौम के हक़ में वोट करो”

मानवाधिकार मंत्री शिरीन माजरी, प्रख्यात मुस्लिम विद्वान मुफ्ती ताकी उस्मानी, पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. मेहंदी हसन, राष्ट्रीय महिला दर्जा आयोग खवार मुमताज और मशहूर पत्रकार रहमान वाले इस आयोग ने मामले की जांच की और वह इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि मामला जबरन का धर्मांतरण नहीं है. इसके बाद पाकिस्तानी कोर्ट ने कहा कि दोनों लड़कियां अपने पिता के साथ नहीं बल्कि अपने शौहरों के साथ ही रहेंगी जबकि दोनों बच्चियों के पिता का कहना है कि उनकी बेटियों को जबरन घर से उठाया गया तथा, धमकाकर मुसलमान बनाया. लेकिन उनकी दलील नहीं सुनी गई.

अगली सरकार बनने पर कश्मीर से हटेगी 370, देशभर में लागू होगा NRC तथा हर हिन्दू शरणार्थी को मिलेगी नागरिकता- अमित शाह

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने व हमें मज़बूत करने के लिए आर्थिक सहयोग करें।

Paytm – 9540115511

Share This Post