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पाक की खुफिया साजिश का खुला राज, जिंदल से मुलाकात को बताया कूटनीति का हिस्सा

इस्लामाबाद : कुछ दिनों पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और भारत के बिजनेस टायकून सज्‍जन जिंदल की मुरी में हुई सीक्रेट मीटिंग पर पाकिस्तान की सेना ने आपत्ति जताई है। इसके साथ ही पाक की सेना ने नवाज़ शरीफ से इस मीटिंग की वजह पूछी। एक टीवी चैनल के मुताबिक, नवाज की और से सेना को बताया गया है कि मुलाकात बैक चैनल डिप्‍लोमैसी का हिस्‍सा थी।

इसके साथ ने नवाज शरीफ ने उस उत्तर के साथ आर्मी चीफ जरनल कमर जावेद बाजवा का भरोसा जीतने की भी कोशिश की। बता दें कि 27 अप्रैल को शरीफ-जिंदल की मीटिंग मुरी के हिल रिसॉर्ट में हुई थी। नवाज़ शरीफ ने पाक सेना को जानकारी दी है कि जिंदल को कई अहम भारतीय अधिकारियों का समर्थन हासिल है और इस मीटिंग की वजह से दोनों देशों के बीच का तनाव खत्म हो जाएगा।

भारत और पाकिस्तान के बीच इन दिनों काफी तनाव पैदा हो रखा है और इसके अलावा कुलभूषण जाधव को मौत की सजा को लेकर काफी तनाव है। विशेषज्ञों की मानें तो जाधव को लेकर इंटरनेशनल कोर्ट ने जो आदेश दिया है उसे लेकर पाक खासा परेशान है और वह इस आदेश को टालने के मूड में है। बता दें कि जिंदल स्टील वर्क्स भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है और जिंदल इसी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर हैं।

जहां एक तरफ जिंदल नवाज़ शरीफ के मित्र है तो दूसरी तरफ वो पीएम मोदी जी के काफी करीब हैं। इन दोनों की मुलाकात को काफी सीक्रेट रखा गया था। पाक मीडिया में इस बात का अनुमान लगाया गया है कि जिंदल दरअसल पर्दे के पीछे जारी उस कूटनीति का हिस्‍सा हैं, जिसके तहत पाक और भारत के पीएम की मुलाकात कराई जानी है। मीडिया के मुताबिक, जून में कजाखिस्‍तान के अस्‍टाना में शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) समिट होने वाली हैं और इस समिट में दोनों पीएम मुलाकात कर सकते हैं।  

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