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370 हटाए जाने के ठीक एक दिन पहले आया था वो भारत में.. वो पाकिस्तानी जासूस क्या करने वाला था जो दबोच लिया गया है यहां

जिस दिन मोदी सरकार ने भारतमाता के मणिमुकुट कश्मीर के कलंक धारा 370 का खात्मा किया था,  उससे ठीक एक दिन पहले एक पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट राजस्थान के बाड़मेर के रास्ते भारत में दाखिल हुआ. भारत में दाखिल होने के दिन बाद हरियाणा की अंबाला पुलिस ने उसे दबोचने में कामयाबी पाई. गिरफ्तार आईएसआई एजेंट की पहचान 32 वर्षीय अली मुर्तज़ा असगर के तौर पर हुई. असगर को जम्मू और कश्मीर स्थित मिलिट्री इंटेलीजेंस के सुराग पर अंबाला पुलिस ने पकड़ा.

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जानकारी के मुताबिक़, मिलिट्री इंटेलीजेस यूनिट की ओर से पाकिस्तान इंटेलीजेंस ऑपरेटिव कॉल्स (PIO कॉल्स) की ओर से जम्मू और कश्मीर स्थित कुछ सैन्य प्रतिष्ठानों को आने वाली कॉल्स को ट्रैक किया जा रहा था. पाकिस्तानी एजेंट्स की ओर से ऐसी कॉल्स के लिए जो तौर तरीका बहुतायत में अपनाया जा रहा है वो है अपने नंबरों को भारतीय नंबरों से मास्क कर देना. भारत सरकार की ओर से संसद में ऐतिहासिक एलान (अनुच्छेद 370 हटाने) के वक्त जब घाटी में जवानों की तैनाती बढ़ाई जा रही थी, उस वक्त भी मिलिट्री इंटेलीजेंस यूनिट (MI यूनिट) की ओर से ऐसी कॉल्स को ट्रैक किया जा रहा था.

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बताया गया है कि असगर के भारत में दाखिल होने के बाद एमआई यूनिट ने ना सिर्फ मूवमेंट में बदलाव नोट किया बल्कि पाकिस्तान ऑपरेटिव कॉल्स (पीआईओ) की संख्या में भी अंतर देखा. असगर पर नज़र रखी गई. वो वीज़ा नियमों का उल्लंघन करते हुए कई स्थानों पर गया. कराची का रहने वाला असगर आईटी प्रोफेशनल बताया जाता है. लेकिन उसने वीज़ा धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए मांगा. यही तरीका अपना कर असगर पहले भी सात बार भारत आ चुका है. असगर के संपर्क अमृतसर, मुंबई और हैदराबाद में पाए गए.

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जानकारी के मुताबिक़, ISI एजेंट असगर ने जब वीज़ा नियमों का उल्लंघन किया तो उसकी संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को मजबूर किया. इंटेलीजेंस ब्यूरो, पंजाब पुलिस और आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक साथ जांच शुरू की तो नतीजा भी जल्दी सामने आ गया. सूत्रों ने बताया कि खुफिया ब्यूरो और पुलिस ने रिमांड के दौरान असगर से अहम जानकारी हासिल की. अभी उससे पूछताछ जारी है. असगर पिछले तीन साल से भारत आ रहा था. गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले,  उसने अपने एक सोर्स को फोन किया. वहीं से उस तक पहुंचने में आसानी हुई. वो बस अड्डे पर ट्रैक हुआ.

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सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कश्मीर से 370 हटाने के बदले के तौर पर जवाबी हमले के पुख्ता इनपुट्स मिलने के बाद असगर को उठाया गया. शंका सही साबित हुई. खुफिया एजेंसियों ने उसके पास से सैन्य प्रतिष्ठाऩों से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए. उसे गुजरात और हैदराबाद समेत भारत में कई जगह ले जाया गया.’ सूत्रों ने कहा कि बीते तीन साल में आईएसआई एजेंट हरियाणा, पंजाब, आंध्र प्रदेश, गुजरात और हैदराबाद समेत कई स्थानों पर गया. असगर आईएसआई को जानकारियां उपलब्ध करा रहा था.

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