ये हथियार मोदी चाहते हैं इजरायल से.. आशा है इजरायल दे भी देगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय दौरे पर इजरायल पहुंच चुके हैं, जहां इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रोटोकॉल तोड़कर बड़ी गर्मजोशी से खुद एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी का स्वागत करते हुए इजरायल के पीएम ने हिंदी में कहा कि “आपका स्‍वागत है मेरे दोस्‍त”। भारत हमारा गहरा मित्र है। हम भारत और भारत की संस्‍कृति से प्‍यार करते हैं। भारतीय और इस्राइली स्‍वाभाविक दोस्‍त हैं। 
वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्‍य है कि मैं इस्राइल आने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री हूं। इस्राइल आने पर मेरे इस भव्‍य स्‍वागत और खुद मेरे मित्र पीएम बेंजामिन नेतन्‍याहू के एयरपोर्ट पर मौजूद रहने का धन्‍यवाद। मेरा ये दौरा दोनों देशों के मजबूत रिश्‍ते का प्रतीक है। भारत की सभ्‍यता बहुत पुरानी है, लेकिन हमारा देश युवा है, हमारी युवा शक्ति बदलाव की ताकत है। 
बता दें कि पीएम मोदी की ये यात्रा सामरिक सहयोग के साथ-साथ आतंकवाद से लड़ाई और रक्षा क्षेत्र में सहयोग को लेकर काफी अहम है। इस दौरे से सुरक्षाबलों के लिए मॉर्डन हथियार और सामरिक क्षेत्र में बड़े डील होने की योजना है। इन डील्स में- बॉर्डर की सुरक्षा के लिए मॉर्डन फेंसिंग सिस्टम, अत्याधुनिक मिसाइल तकनीक, स्पेशल फोर्सेज के लिए छोटे हथियार, सैन्यबलों के बीच साझा ट्रेनिंग, एयरफोर्स के लिए अर्ली वॉर्निंग सिस्टम जैसी डिल्स शामिल है। 
बॉर्डर की सुरक्षा के लिए मॉर्डन फेंसिंग सिस्टम- पाकिस्तान आए दिन भारतीय सीमा पर हमला करता है। इस सिस्टम से पाकिस्तान की तरफ से लगातार हो रही आतंकी घुसपैठ को रोकने में मदद मिलेगी। ये बॉर्डर पर अभेद्द दीवार का काम करेगा। मॉर्डन फेंसिंग सिस्टम में लेजर वॉल, कैमरे की निगरानी में बॉर्डर के इलाकों को रखने समेत कई अहम बदलाव होंगे। 
स्पेशल फोर्सेज के लिए छोटे हथियार- इन हथियारों से आतंकियों, नक्सलियों के खिलाफ कमांडो ऑपरेशन और सुरक्षा गश्त में मदद मिलेगी। अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित हथियारों के निर्माण में इजरायल की विशेषज्ञता भारत के काम आएगी।
एयरफोर्स के लिए अर्ली वॉर्निंग सिस्टम- साथ ही मानवरहित ड्रोन छोड़ने वाले वाहन के अपग्रेडेशन पर भी डील होगी। एयरफोर्स के लिए एयरक्राफ्ट अर्ली वॉर्निंग सिस्टम को भी मंजूरी मिल सकती है।
सैन्यबलों के बीच साझा ट्रेनिंग- इजरायल के सैन्य बलों और भारतीय सैन्यबलों के बीच साक्षा अभ्यास भी हो सकता है। इस साल के आखिर में भारतीय वायुसेना की इजरायल की एयरफोर्स के साथ अभ्यास होने की उम्मीद है।
अत्याधुनिक मिसाइल तकनीक- मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में इजरायल-भारत के बीच सहयोग पर भी नजर है। हाल ही में भारत ने जमीन से हवा में मार करने वाली मीडियम रेंज मिसाइलों पर इजरायल के साथ 17,000 के डील को मंजूरी दी थी। 
Share This Post