हवा में फैला जहर, फिर जमीन पर मिली 100 से ज्यादा लाशें

वॉशिंगटन : सीरिया के इदलिब प्रांत में मंगलवार को हुए रासायनिक हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। वहीं, रासायनिक चपेट में आने से 400 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। मरने वालों में एक दर्जन से ज्यादा बच्चे बताए जा रहे हैं। यूनियन ऑफ मेडिकल केयर ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, सुबह के वक्त शहर के एक रिहायशी इलाके में करीब 40 बार हवाई हमले किए गए।

वहीं, अमेरिका ब्रिटेन और फ्रांस ने इस हमले के लिए सीरिया के राष्ट्रपति बसर-अल-असद को जिम्मेदार ठहराया है जबकि दूसरी ओर सीरिया की सेना ने इसे विद्रोहियों का काम बताया है। जबकि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र को दिये प्रस्ताव में सीरियाई सरकार को इसकी अंतरराष्ट्रीय दल से जांच कराने की मांग की है। हमले के बाद चिकित्सा सेवा से जुड़े अधिकारियों ने मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई है।

सीरिया के विद्रोहियों का कहना है कि सरकार की ओर से लड़ रहा गुट खौफ बनाने के लिए केमिकल बम इस्‍तेमाल कर रहा है। इन बमों से क्‍लोरीन तथा कई दूसरी घातक गैसें निकलती हैं, जिनसे इसके प्रभाव वाले क्षेत्र में लोगों की मौत हो जाती है। दूसरी ओर सीरियाई सरकार ने आरोप को खारिज किया है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने रासायनिक हमले को ”निंदनीय” बताते हुए आरोप लगाया है कि इस तरह के कृत्य ओबामा प्रशासन की कमियों का परिणाम हैं।

ट्रंप ने कहा कि महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष लोगों के खिलाफ सीरिया में मंगलवार को हुआ रासायनिक हमला निंदनीय है और सभ्य दुनिया इसे नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि बशर अल-असद शासन का यह नृशंस कृत्य पिछले प्रशासन की कमियों और हिचकिचाहट का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2012 में कहा था कि वह रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ कदम उठाएंगे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले की निंदा करने के लिए अमेरिका दुनिया में अपने सहयोगियों के साथ खड़ा है।

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