कहीं से भी किसी भी भोगोडे के लिए हमारे देश में कोई जगह नहीं है… एक और देश का चट्टान जैसा अटल बयान

पहले मिस्र, फिर इटली और उसके बाद स्पेन और फ्रांस .. दुनिया के ये देश साफ़ कर चुके हैं कि दुनिया के किसी भी मुल्क के शरणार्थी को वह अपने यहां जगह नहीं दे सकते हैं क्योंकि शरणार्थी के वेश में कई छिपे जिहादी उनके देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं. लेकिन अब दुनिया का एक और ताकतवर मुल्क जिसे इस दुनिया में इस्लामिक मुल्क का दुश्मन माना जाता है, ने भी साफ़ कर दिया है कि दुनिया के किसी भी मुल्क(सीरिया आदि) का कोई भी शरणार्र्थी हो, वह उसे अपने देश में जगह नहीं देगा.

जिस देश ने इस्लामिक मुल्क सीरिया के शरणार्थियों को अपने देश की सीमा में घुसने से इंकार किया है वो मुल्क है इजराइल. : इजराइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि सीरिया के युद्ध से भागने वाले नागरिकों को इज़राइल में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. हजारों सीरियाई देश के दक्षिण में एक सरकारी हमले से भाग गए हैं, जिसने 19 जून को शुरू किया था और कुछ ने इजरायली स्थित गोलान हाइट्स के पास अस्थायी शिविर स्थापित किए हैं. नेतन्याहू ने कैबिनेट की बैठक की शुरुआत में कहा, “दक्षिणी सीरिया के संबंध में, हम अपनी सीमाओं की रक्षा करना जारी रखेंगे।” नेतन्याहू ने कहा कि ये जरूर है कि जांच पड़ताल के बाद “हम अपनी क्षमताओं की सीमा तक मानवीय सहायता का विस्तार करेंगे लेकिन हम अपने क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं देंगे.

इजराइल ने कहा है कि जब बात मानवता की आती है तो इजराइल मानवता के नाते ने लोगों की अपनी क्षमतानुसार मदद कर सकता है लेकिन इन्हें इजराइल में घुसने नहीं दे सकता. नेतन्याहू ने कहा कि वह मानवतावादी हैं लेकिन मानवता की आड़ में इजऱाइल के लिए खतरा पैदा नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि उनके लिए पहली वरीयता इजराइल की एकता, अखंडता की रक्षा करना है, और इसके लिए वह समझौता नहीं करेंगे.

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