तुष्टीकरण हर देश में नहीं चलती… गिरफ्तार हुआ मक्का का प्रमुख इमाम, सऊदी अरब ने सिर्फ क़ानून देखा

सऊदी अरब को इस्लामिक जगत की धुरी माना जाता है तथा सऊदी अरब की गिनती दुनिया के सबसे ज्यादा कट्टर इस्लामिक मुल्कों में होती है लेकिन इसके बाद भी कानून क्या होता है इसकी मिशाल पेश की है सऊदी अरब ने तथा एक ऐसा फैसला लिया जिससे न सिर्फ इस्लामिक मुल्क बल्कि पूरी दुनिया भौचक्की है. आपको बता दें कि सऊदी अरब सरकार ने मक्का-मदीना ग्रैंड मस्जिद के प्रमुख इमाम और प्रचारक शेख सालेह अल-तालिब को हिरासत में ले लिया है.

अलजजीरा में छपी रिपोर्ट मुताबिक, प्रमुख इमाम ने एक सार्वजनिक सभा में सरकार की नीतियों की आलोचना की थी. सऊदी में हाल ही में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कई तरह की पाबंदियों को खत्म किया है. इसी नाराज इमाम ने प्रिंस द्वारा नीति में बदलाव लाने को लेकर आलोचना की थी तथा कहा था कि क्राउन प्रिंस गलत कर कर रहे हैं, इसके बाद मक्का की ग्रैंड मस्जिद के इमाम को गिरफ्तार कर लिया गया तथा साफ़ सन्देश दिया गया कि कोई भी हो लेकिन सरकार की नीतियों के खिकाफ जाएगा वह बख्शा नहीं जाएगा. बता दें कि हाल ही में प्रिंस सलमान ने महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस देने , और स्टेडियम में महिलाओं और पुरुषों के साथ बैठने जैसे नियमों को मंजूरी दी थी. इससे पहले महिलाओं को लेकर इस देश में कई तरह का पाबंदियां मौजूद थी.

हिरासत में लिए गए इमाम सालेह अल तालिब पर आरोप है कि उन्होंने महिला और पुरुष दोनों को एक साथ सार्वजनिक स्थानों पर जाने को लेकर प्रिंस सलमान की आलोचना की थी. सोशल मीडिया पर उनकी गिरफ्तारी को लेकर खबरें चल रही हैं, लेकिन सऊदी अरब प्रशासन की ओर से इमाम की गिरफ्तारी को लेकर कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है. बता दें कि, जून 2017 में सलमान की क्राउन प्रिंस बनाया गया था। तब से वह दर्जनों इमाम, महिला कार्यकर्ताओं, और रॉयल परिवार के कई सदस्यों को हिरासत में ले चुके हैं.

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