दुनिया के सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश की एक यूनिवर्सिटी ने लगाई छात्राओं के बुर्का पहिनने पर रोक….अगर ये हिन्दुस्तान में हुआ होता तो


दुनिया में सर्वाधिक मुस्लिम आबादी वाला देश इंडोनेशिया है. कहने को तो इंडोनेशिया की आबादी लगभग 30 करोड़ है लेकिन इसमें से 87 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम समुदाय की है. अब इंडोनेशिया की एक यूनिवर्सिटी ने धार्मिक कट्टरपंथ पर रोक लगाने के लिए एक फैसला सुनाया है एक ऐसा आदेश जारी किया है जिसके बाद उसकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम हैं हालाँकि सम्भव है कि हिंदुस्तान के कुछ मजहबी ठेकेदारों ये हजम नहीं होगा. 

इंडोनेशिया दुनिया में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है लेकिन हाल के समय में कट्टरपंथी विचारधाराओं के पनपने से इस देश की धार्मिक सहिष्णुता और विविधता की छवि को खतरा पैदा हो गया है जिसके बाद इंडोनेशिया के जावा द्वीप के योग्याकार्ता शहर की स्टेट इस्लामिक यूनिवर्सिटी (यूआईएन) ने कैम्पस में छात्रों के बुर्का पहिनने पर रोक लगा दी है. यूनिवर्सिटी ने छात्राओं को सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि अगर वे ग्रेजुएट होना चाहती हैं, तो उन्हें यह पहनावा छोड़ना होगा तथा इसके लिए उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी. यूनिवेर्सिटी का कहना है शिक्षा के ललिए आज के प्रगतिवादी युग में महिलाओं को बुर्के में देखना गुलामी प्रतीक महसूस होता है.

यूनिवर्सिटी के रेक्टर युदीन वहीउदी ने कहा, ‘बुर्का कट्टरता का उदाहरण है। छात्राओं के बुर्का पहनने से शिक्षण प्रक्रियाएं बाधित होती हैं। हम मध्यम इस्लाम को आगे बढ़ा रहे हैं और यह नीति छात्रों के लिए सुरक्षात्मक कदम है इस आदेश को मानना ही होगा.

यूनिवेर्सिटी के फैसले के बाद छात्रों ने इस आदेश को माना भी है लेकिन सोचो कि अगर यही फैसला हिन्दुस्तान के किसी कॉलेज या विश्वविध्यालय ने दिया होता तो क्या हालत हो जाते? सर्वाधिक मुस्लिम आबादे वाले देश की एक यूनिवर्सिटी बुर्के पर रोक लगा सकती है लेकिन हिन्दुस्तान में इस बारे में बात की कर ली जाये तो यहाँ के तथाकथित धर्मनिरपेक्ष लोगों की चीख निकल जाती उनकी भावनाएं आहत हो जातीं व सम्भव है कि पुरस्कार वापसी भी शुरू हो जाती. 


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