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इस्लामिक मुल्क ईरान की धुनाई से खुश हुआ इस्लामिक मुल्क बहरीन.. बोला- “शाबाश इजराइल”

एक कहावत है कि “दुनिया ताकत को शीश नवाती है”.. अगर आप में बाहुबल है, अगर आप पराक्रमी हैं, अगर आप शक्तिशाली हैं तो हर कोई आपके साथ खड़ा हो जाता है. इस कहावत को दुनिया का एक छोटा लेकिन शक्तिशाली मुल्क इजराइल अक्षरशः सत्य सत्य साबित कर रहा है. इस्लामिक जगत का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाने वाला इजराइल चारौ तरफ से इस्लामिक मुल्कों से घिरा होने के बाद भी दुनिया में सबसे ताकतवर देशों की सूची में गिना जाता है तथा दुनिया इजराइल की ताकत को स्वीकार भी करती है. बड़े बड़े इस्लामिक मुल्क अब इजराइल की ताकत के आगे झुकने लगे हैं.

ये इजराइल की ताकत का ही परिणाम है कि उसको इस्लामिक मुल्कों का दुश्मन माना जाता है लेकिन उसके बाद भी कई इस्लामिक मुल्क अब इजराइल का समर्थन करने लगे हैं. इस्लाम का जनक कहा जाना वाला सऊदी अर्ब पहले ही इजराइल का समर्थन कर चुका है. सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अपने अमेरिकी दौरे के दौरान कहा था की इजराइल अपनी जमीन पर रहने का हकदार है. बता दें कि इजराइल तथा सऊदी में कभी नहीं बनी है तथा अभी तक इजराइल व् सऊदी अरब के बीच राजनायिक संबंध नहीं हैं लेकिन अब सऊदी अरब इजराइल की ताकत को स्वीकार कर रहा है तथा उससे संबध सुधारने के प्रयास भी कर रहा है.

बता दें कि सीरिया में इस समय इजराइल तथा ईरान में कोल्ड वार छिड़ा हुआ है. पिछले दिनों इजराइल की सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया था जिसमें 11 ईरानी मारे गये थे. ईरान पर इजराइल के इस हमले को इस्लामिक जगत को चुनौती माना गया था तथा उम्मीद की गयी थी कि दुनिया के इस्लामिक मुल्क एक बार फिर इजराइल के खिलाफ लामबंद होंगे लेकिन हुआ इसके उलट…सऊदी क्राउन प्रिंस के बाद बहरीन विदेश मंत्री खालिद बिन अहमद ने इजराइल के पक्ष में कल ट्वीट कर कहा की ईरान की धमकियों से इजराइल को खुद को बचाने का पूर्ण अधिकार है.

बहरीन के मंत्री ने लिखा, जब तक ईरान ने इस क्षेत्र में अपनी सेनाओं और मिसाइल हमलों से उल्लंघन जारी रखा है, तब तक इजराइल ही क्या अन्य देशों को भी खुद को बचाने का अधिकार है. बहरीन के विदेश मंत्री के ट्वीट के बाद  इजरायल के संचार मंत्री अयूब कर ने कहा की यह शब्द “इजरायल के लिए ऐतिहासिक समर्थन से कम नहीं हैं. अयूब ने कहा की बहरीन के विदेश मंत्री का बयान कि इजरायल समेत कोई भी देश खुद को बचाने का हकदार है, ईरानी आक्रामकता के मामले में इजरायल राज्य के लिए ऐतिहासिक समर्थन है. यह समर्थन मध्य पूर्व में बनाए गए नए गठबंधन को दर्शाता है. इजराइल एक बार फिर कहना चाहता है कि दुनिया की कोई भी कट्टरपंथी ताकत इजराइल के इरादों को नहीं बदल सकती तथा अगर ईरान अभी भी नहीं माना इजराइल की तरफ से ऐसा पलटवार किया जाएगा, कि ईरान अपने किये पर पछतायेगा.

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