हिन्दू और हिंदुत्व की लड़ाई अमेरिका में लड़ रही हैं पामेला . पति छोड़ दिया लेकिन रुद्राक्ष नहीं

भले ही भारत में पाश्चात्य संस्कृति को ले कर कोई लाख उलटे सीधे तर्क दे लेकिन सात समंदर पार अभी भी हिंदुत्व के लिए ऐसे समर्पित लोग हैं जो किसी के लिए भी बन सकते हैं के प्रेरणा और विदेशी संस्कृति के अंधी दौड़ में शामिल लोगों के लिए एक बड़ा संदेश . क्या आप सोच सकते हैं की कोई ऐसा भी होगा जिसने अपने पति को छोड़ दिया लेकिन हिंदुत्व विचारधारा के साथ महादेव के प्रतीक रुद्राक्ष को नहीं त्यागा .. ये घटना कई लोगों के लिए नई और कई लोगो के लिए हैरान कर देने वाली है लेकिन इस घटना का एक एक शब्द सही है जो एक सच्ची धर्मनिष्ठ नारी के धर्म के प्रति समर्पण को दर्शायेगा ..

विदित हो की अमेरिका की निवासिनी पामेला ईव सोलोमन के हिंदुत्व के प्रेम को देख कर अमेरिकी भी हैरान है . पामेला जी को भारतीय हिंदुत्व की संस्कृति से इतना प्यार हो गया कि वो सब कुछ छोड़ने को तैयार हो गई। हिन्दू व हिंदुत्व के लिए पामेला जी का समर्पण इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है की पामेला ने महादेव की प्रतीक मानी जाने वाली रुद्राक्ष की एक माला पहनी थी, जिसे लेकर उसके और उसने पति के बीच टकरार हो गया.. पामेला के पति ने किसी भी हाल में उस रुद्राक्ष को निकालने की बात कही जिसे पामेला ने सिरे से ख़ारिज करते हुए किसी भी हाल में उसको न उतारने की बात कही ..

जब पति अपने तमाम प्रयास करते हुए हार गया तब मामला तलाक तक पहुंच गया लेकिन इसके बाद भी पामेला अपने शिव प्रेम पर अटल रही और उन्होंने अदालत में मुकदमे को झेलना स्वीकार कर लिया लेकिन अपने गले से रुद्राक्ष नहीं उतारा . खुद पामेला का कहना है की उन्होंने भारतीय संस्कृति को अंदर से देखा है और उस से ही प्रभावित हो कर ही उन्होंने रुद्राक्ष की माला धारण किया था .. पामेला को पति का ये फैसला पसंद नहीं आया। वो पहले को थोड़ी आहत हुई, लेकिन बाद में उन्होंने सोचा कि अब वो आजाद हो चुकी हैं। अब वो भारतीय संस्कृति को और करीब से जान सकेंगी। पति के साथ रिश्ते में आई कड़वाहट पर पामेला ने कहा कि अमेरिका के लोगों में आत्मीयता और संवेदना है, मगर भावनाओं की कमी है। पति से अलग होने के बाद पामेला हरियाणा के कैथल के फरल में ह रही हैं। वो वहां अपने भाई के स्कूल में ही बच्चों को पढ़ाने का काम कर रही हैं और भारत की संस्कृति और सभ्यता को और करीब से जान रही हैं। उन्होंने बताया कि साल 2009 में उन की एक महिला मित्र ने उन्हें पहली बार भारतीय संस्कृति से परिचित करवाया। पामेला का कहना है की वो हिंदुत्व की भूमि भारत से इतना प्रभावित हैं की वो हमेशा के लिए भारत में बसना चाहती हैं।

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