महिलाओं के लिए हराम की लिस्ट बढ़ी.. अब रोक लगाने की तैयारी उनके एक बुनियादी अधिकार पर

मुस्लिम महिलाओं के लिए हराम चीजों की लिस्ट लगातार बढ़ती जा रही है. कभी उनको शादी बरात में नाचना हराम बताया जाता है, तो कभी सेल्फी लेना हराम बताया जाता है. अब एक इस्लामिक मुल्क में महिलाओं के बुनियादी अधिकार को हराम बताकर इस रोक लगाने की कोशिश की जा रही है. जी हाँ पाकिस्तान में चुनावों के लिए हो रहे प्रचार के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन के उम्मीदवार ने महिलाओं के लिए मतदान को हराम बताया है तथा कहा है कि इस्लाम महिलाओं के लिए मतदान की अनुमति नहीं देता.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) के प्रत्याशी और पंजाब प्रांत के पूर्व मंत्री हारून सुल्तान ने यह कहकर विवाद पैदा कर दिया है कि महिलाओं के लिए मतदान करना ‘हराम’ है. सुल्तान पाकिस्तान तहरीक- ए- इंसाफ पार्टी की महिला प्रत्याशी जेहरा बासित सुल्तान के खिलाफ नेशनल असेंबली की एनए 18 सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. जेहरा के बारे में बताया जाता है कि वह सुल्तान की भाभी हैं. सुल्तान पंजाब में पीएमएल-एन सरकार में सामाजिक कल्याण मंत्री थे.’द न्यूज’ की खबर के मुताबिक, अपने निर्वाचन क्षेत्र मुजफ्फरगढ़ में एक रैली को संबोधित करते हुए सुल्तान ने कहा कि वह मजहब के निर्देशों का पालन करेंगे और किसी भी महिला उम्मीदवार को वोट नहीं देंगे, क्योंकि इसे हराम माना जाता है.

हारून सुलतान ने कहा, ”मैं अल्लाह और नबी के निर्देशों के तहत काम करूंगा और इसके विपरीत काम करने से बचूंगा.” पाकिस्तान पीपल्स पार्टी ने इस निर्वाचन क्षेत्र से नवाज इफ्तिखार खान को उतारा है. पाकिस्तान में मतदान संवैधानिक अधिकार है लेकिन लाखों महिलाओं को पुरूष मताधिकार का इस्तेमाल नहीं करने देते हैं.  

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