एक देश जिसने जेलों में ठूंस दिया उन 34 देशद्रोहियों को जो खड़े नहीं हुए वहां के राष्ट्रगान के समय

जब 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस पर पूरा देश आजादी का पर्व मना रहा था, राष्ट्रध्वज तिरंगे को सलामी दे रहा था ठीक उसी समय देश में ही कहीं कहीं पर कट्टरपंथियों द्वारा मजहब के नाम पर राष्ट्रगान को गाने से इनकार कर दिया. इसके अलावा भी अक्सर कभी राष्ट्रगान के तो कभी राष्ट्रध्वज के अपमान की खबरें सामने आती रहती हैं. जहाँ हिंदुस्तान में सरेआम कोई भी कट्टरपंथी अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर राष्ट्रगान का अपमान कर देता है, राष्ट्र के टुकड़े करने की बात कर देता है वहीं दुनिया के एक देश में जब 34 लोगों ने राष्ट्रगान का अपमान किया, सिनेमा हाल में राष्ट्रगान के बजते समय ये लोग खड़े नहीं हुए तो उन्हें देशद्रोह के अंदर जेल में ठूंस दिया गया.

ये घटना पिलिपींस की है. खबर के मुताबिक, फिलीपींस के एक सिनेमाघर में राष्ट्रगान पर खड़े नहीं होने के आरोप में पुलिस ने 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें जेल में डाल दिया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना गुरुवार को बतांगास प्रांत के लेमेरी में एक मॉल के थिएटर में हुई. राष्ट्रगान ‘लुपांग हिनिरांग’ फिलीपींस के हर थिएटर में फिल्म शुरू होने से पहले बजाया जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बतांगास प्रांत के लेमेरी में स्थित सेंट्रो मॉल के सिनेमा 2 में ‘The Hows of Us’ नाम की फिल्म दिखाई जा रही थी. इस फिल्म के पहले राष्ट्रगान बजाया जा रहा था लेकिन इन 34 लोगों ने उस दौरान खड़े होने से इनकार कर दिया. इसके बाद पुलिस ने इन सभी लोगों के ऊपर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया तथा संगीन धाराओं में जेल भेज दिया.

फिलीपींस की पुलिस ने कहा कि इन 34 लोगों ने आरए 8491 का उल्लंघन किया है, जिसे ‘फ्लैग एंड हेराल्डिक कोड ऑफ द फिलीपींस’ भी कहा जाता है. इस कानून के मुताबिक, किसी भी शख्स द्वारा इसके प्रावधानों का उल्लंघन करने पर और दोषी पाए जाने पर जुर्माना या एक साल तक की सजा दी जा सकती है.  जुर्माना 5,000 पेसोस (लगभग 6,300 रुपये) से 20,000 पेसोस (लगभग 26,000 रुपये) तक हो सकता है. पुलिस का कहना है कि राष्ट्रगान का अपमान करने वाले को माफी किसी भेई हालात में नहीं दी जा सकती तथा मानवाधिकार की आड़ में राष्ट्र के अपमान की इजाजत नहीं दी जा सकती.

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