Breaking News:

बेहद खतरनाक मुस्लिम ब्रदरहुड के लिए कभी रेड कार्पेट बिछवाई थी कांग्रेस सरकार.. खुलासे से सनसनी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अभी हाल ही में अपने 4 दिवसीय दौरे पर विदेश में थे. इसी लन्दन में राहुल गांधी ने देश के सबसे बड़े राष्ट्रवादी संगठन कहे जाने वाले आरएसएस की तुलना एक बड़े इस्लामिक आतंकी दल मुस्लिम दल से की थी, जिसके बाद देश की राजनीति में अभी तक शुरू हुआ तूफ़ान अभी तक थमता नजर नहीं आ रहा है. राहुल गांधी ने दोनों की तुलना करते हुए आरएसएस को देश की प्रकृति से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था. राहुल गांधी जिस मुस्लिम ब्रदरहुड से आरएसएस की तुलना कर रहे हैं तथा कह रहे हैं कि जिस तरह से मिस्र में मुस्लिम ब्रदरहुड ने अराजकता फैलाई तथा देश की प्रक्रति से छेड़छाड़ की, ठीक वही काम आरएसएस कर रहा है. आपको आश्चर्य होगा कि इसी मुस्लिम ब्रदरहुड के नेता के स्वागत के लिए मनमोहन सरकार ने पलक पांवड़े बिछाये थे, रेड कारपेट बिछाया था.

आपको बता दें कि कांग्रेस की अगुवाई वाली UPA-2 ने साल 2013 में मुस्लिम ब्रदरहुड के नेता और मिस्र के तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को भारत दौरे पर आमंत्रित किया था. UPA-2 के शासन काल में मिस्र के राष्ट्रपति भारत के दौरे पर आये थे.  मोहम्मद मुर्सी 2011 में मिस्र में हुई तहरीर स्क्वायर की क्रांति के बाद मिस्र के राष्ट्रपति बने थे. राष्ट्रपति बनने से पहले वो मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े हुए थे. बाद में उन्होंने 2011 में फ्रीडम और जस्टिस पार्टी का निर्माण किया. मुस्लिम ब्रदरहुड में काम करके राष्ट्रपति बने मोहम्मद मुर्सी को न सिर्फ मनमोहन सरकार ने आमंत्रित किया था बल्कि उनके लिए रेड कार्पेट भी विछ्वाया था. मोहम्मद मुर्सी की भारत के यात्रा के कुछ महीनों के बाद उन्हें राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया था. मुर्सी के स्थान पर उनके रक्षा मंत्री फ़तेह अब्देल अल सिसी मिस्र के राष्ट्रपति बने. मुस्लिम ब्रदरहुड की स्थापना मिस्र में 1928 में हुई थी. दुनिया के कई देशों ने मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकवादी संगठन घोषित कर इस पर प्रतिबन्ध लगा रखा है.

Share This Post