Breaking News:

दो देशों के मुसलमानों की हज यात्रा पर सीधे सीधे लगी रोक.. आदेश अमेरिका रूस या इजराइल का नहीं

दुनिया के एक मुल्क से आदेश जारी हुआ है कि सीरिया तथा क़तर के मुसलमानों को हज यात्रा नहीं करने दी जाएगी. इसके पीछे कारणदिया गया है कि इन देशों में कट्टरपंथ बढ़ रहा है. सबसे आश्चर्य की बात ये है कि ये आदेश अमेरिका इजराइल या रूस ने नहीं दिया है बल्कि उस देश ने दिया है जो इस्लाम का जनक माना जाता है. जी हाँ इस्लाम का जनक माने जाने वाले मुल्क सऊदी अरब ने एक फैसला लिया है जिससे न सिर्फ सम्पूर्ण इस्लामिक जगत बल्कि पूरी दुनिया हैरान रह गई है. सऊदी अरब ने घोषणा की है सीरिया तथा क़तर के मुस्लिमों को हज यात्रा नहीं करने दी जाएगी.

हालाँकि सऊदी के इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है लेकिन सऊदी साफ़ कर चुका है कि वह अपना फैसला नहीं बदलेगा तथा कटटरपंथ को स्वीकार नहीं करेगा.  इस्लामी पवित्र स्थलों की निरीक्षक अंतरराष्ट्रीय समिति ने, सऊदी अरब की इस बात पर कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि वह हज जैसे पवित्र संस्कार का राजनीतिकरण कर रहा है. इस समिति ने एक बयान जारी करके एक बार फिर अपनी यह मांग दोहरायी है कि सऊदी अरब में मौजूद पवित्र स्थलों की व्यवस्था, इस्लामी देशों की संयुक्त समिति के हवाले की जाए. बयान में कहा गया है कि हज के सफल आयोजन में सऊदी अरब की विफलता और दसियों हज़ार मुसलमानों को हज से रोकना, सऊदी अरब की ओर से हज के राजनीतिकरण के स्पष्ट प्रमाण हैं.

बता दें कि सऊदी अरब के नए क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान कटट्ररपंथ के खिलाफ हैं तथा उन्होंने कई रूढिवादी प्रथाओं को ख़ारिज कर दिया है तथा कहा है कि कटटरवाद आज के आधुनिक समय में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. तथा सीरिया व क़तर ने सऊदी की इस नीति की आलोचना की थे. यही कारण है कि सऊदी अरब ने अपनी नीतियों का विरोध करने वाले देशों पर दबाव डालने के लिए, सीरिया, क़तर और यमन जैसे देशों के नागरिकों को हज का वीज़ा देने से इन्कार कर दिया है.

Share This Post