रमजान के महीने में इजराइल का ये रूप जिसने भी देखा वही सिहर गया… 5 मुसलमान गवाह हैं इसके

इजराइल दुनिया का एक ऐसा मुल्क है जो इस्लामिक कट्टरपंथ के खिलाफ बेहद ही आक्रामक रुख के लिए जाना जाता है तथा यही कारण है कि ज्यादातर इस्लामिक मुल्क इजराइल को अपना दुश्मन मानते हैं, यहाँ तक कि दुनिया भर में मुस्लिम बच्चे तक इजराइल में अपना दुशमन मुल्क देखते हैं. अपनी छबि के अनुरूप इजराइल ने एक बार फिर से इस्लामिक रीति रिवाजों के खिलाफ ऐसा कड़ा फैसला लिया है जिसे जानकरहर कोई सिहर गया.

खबर के मुताबिक़, इजराइल ने सहरी के के लिए जगाने निकले 5 मुस्लिमों को गिरफ्तार कर लिया तथा कहा कि इजराइल इस कट्टरता को बिलकुल नहीं मानता है. बता दें कि रमज़ान में मुस्लिम सुबह उठकर कुछ खाते पीते है इसके बाद शाम को इफ्तार करते है. सहरी के लिए उठाने का पुराना रिवाज़ रहा है.लेकिन सहरी में जगाने वाले मुस्‍ल‍िमों को इजरायली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. हेरेट्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार,इजरायली पुलिस ने इन फ‍लिस्‍त‍िनियों पर जुर्माना भी लगाया है. रमज़ान में सहरी के लिए उठाने वाले लोगो को मुशाराती कहते हैं.ये लोग रमज़ान के महीने में सहरी खाने के लिए जगाते है. सहरी के लिए उठाने के लिए ये लोग डफ का इस्‍तेमाल करते थे. लेकिन इजरायली पुलिस ने कुछ यहूदी लोगो की शिकायत पर इन मुशाराती को गिरफ्तार कर लिया है.गिरफ्तार किये गये लोगो की संख्या 5 है. 

इजराइल द्वारा गिरफ़्तार हुए एक फ़िलिस्तीनी मोहम्मद हजीजी ने मीडिया से कहा, “मोहल्ले में हज़ारों लोग हैं जो सदियों से चली आ रही इस परंपरा के जारी रहने के इच्छुक हैं जबकि शिकायत करने वाले दस हैं.लेकिन पुलिस को हमारी सुनना नही है.” उन्होंने बताया, “जगाने का काम 20 मिनट चलता है.मुझसे कहा गया कि पहली बार 450 शेकेल, दूसरी ओर 1000 शेकेल और उसके बाद 1000 शैकेल जुर्माना लगेगा.” हजीजी ने बताया कि पुलिस ने धक्का देकर अपमानित भी किया. वहीं विवाद बढ़ने पर इजराइल ने साफ़ कर दिया कि त्यौहार के नाम पर इजराइल ये सब नहीं मानता है तथा जो भी इजराइल के नियम के खिलाफ जाता है उसका हश्र इजराइल जरूर करेगा.

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