सिद्धू के गले मिलने का ये सिला दिया पाकिस्तान ने… कुलभूषण पर नया बयान सुन पूरा देश हैरान

कांग्रेस नेता तथा पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्तान के नये प्रधानमन्त्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जाकर देस्श को हक्का बक्का कर दिया. सिद्धू न सिर्फ पाकिस्तान गये बल्कि भारतीय फौज के हत्यारे पाकिस्तानी आर्मी चीफ के गले भी मिले. यहां तक रहते तो भी ठीक था लेकिन POK के स्वघोषित प्रधान के बगल वाली सीट पर बैठे जबकि भारत सरकार के अनुसार POK भारत का हिस्सा है. इसके बाद सिद्धू ने कहा कि पाकिस्तान में उन्हें दो दिन में जो मिला है वह पूरी जिन्दगी नहीं मिला. कांग्रेस नेता सिद्धू के इस रूप से हर कोई हक्का बक्का रह गया. लेकिन जैसा कि सिद्धू ने कहा था कि पाकिस्तान ने उन्हें बहुत प्यार दिया है, वह अब सामने आ गया है तथा सिद्धू के पाक आर्मी चीफ के गले लगने का पाकिस्तान ने जो सिला दिया है वह सिद्धू के मुंह पर पाकिस्तान का तमाचा है.

आपको बता दें कि पाकिस्तान की नयी सरकार के मुखिया इमरान खान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने आज कहा कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के खिलाफ पाकिस्तान के पास ”ठोस सबूत” हैं और उसे अंतरराष्ट्रीय अदालत में उसके खिलाफ मामले में जीतने की उम्मीद है. 47 साल के जाधव को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी के आरोप में अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनायी थी. भारत ने उसी वर्ष मई में उस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाजा खटखटाया था. अंतरराष्ट्रीय अदालत ने भारत की अपील पर जाधव की फांसी पर रोक लगा दी. भारत और पाकिस्तान ने अपनी विस्तृत अर्जी और जवाब अंतरराष्ट्रीय अदालत में पेश कर दिये हैं. पाकिस्तानी विदेश मंत्री कुरैशी ने दक्षिणी पंजाब स्थित अपने गृह शहर मुल्तान में संवाददाताओं से कहा, ”हमारे पास जाधव के खिलाफ ठोस सबूत हैं और उम्मीद है कि हम अंतरराष्ट्रीय अदालत में मामले में जीत दर्ज करेंगे.” उन्होंने कहा, ”हम अंतरराष्ट्रीय अदालत के समक्ष मामले को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे.’

गौरतलब है कि पाकिस्तान का कहना है कि उसके सुरक्षा बलों ने जाधव को बलूचिस्तान प्रांत से मार्च 2016 में तब गिरफ्तार किया था जब वह कथित रूप से ईरान से देश में घुसे थे. पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय अदालत में कहा है कि जाधव कोई सामान्य व्यक्ति नहीं है बल्कि उसने जासूसी और तोड़फोड़ के इरादे से देश में प्रवेश किया था. भारत ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि जाधव का अपहरण ईरान से किया गया था जहां वह नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद अपने व्यापार के सिलसिले में रह रहे थे लेकिन उनका सरकार से कोई सम्पर्क नहीं था. भारत का कहना है कि कुलभूषण जधाव जासूस नहीं है तथा पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में दुनिया के सामने बेइज्जत होगा.

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