जर्मनी में कुरआन पर लिखी एक किताब पर मचा हुआ है घमासान.. एक वर्ग न प्रकाशित करने और दुसरा हर हाल में प्रकाशित करने पर आमादा

जर्मनी में इस समय एक ऐसी किताब पर घमासान मचा हुआ है जो कुरआन पर पर लिखी हुई है. कुरआन पर लिखी गए इस किताब को जहाँ पब्लिकेशन कंपनी प्रकाशित नहीं करना चाहती है तो वहीं लेखक किताब को हर हाल में प्रकाशित करने पर आमादा है. कुरआन को लेकर ये किताब जर्मन लेखक थिलो सारराजिन ने  लिखी हैं, जिसे जर्मनी की एक पब्लिशिंग कंपनी ने किताब को लॉन्च करने से इनकार कर दिया. जर्मन पब्लिशिंग कंपनी रैंडम हाउस को डर है कि किताब इस्लाम विरोधी होने की वजह से उन्हें और लेखक को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए उन्होंने किताब को लॉन्च करने से मना कर दिया.

पब्लिकेशन कंपनी के इंकार के बाद नाराज लेखक सारराजिन ने पब्लिशिंग कंपनी रैंडम हाउस को कोर्ट में घसीटा है, जिसकी सुनवाई सोमवार को म्यूनिख में शुरू होगी. राजनेता से लेखक बने थिलो सारराजिन की नई किताब का नाम ‘हॉस्टाइल टेकओवर: हाउ इस्लाम हैंपर्स प्रोग्रेस ऐंड थ्रेटेंस सोसायटी’ है. बताया जा रहा है कि लेखक ने अपनी नई किताब में कुरान की आलोचना की है. 73 साल के सारराजिन ने जर्मनी न्यूजपेपर बिल्ड जेइतुंग से कहा कि इस किताब को लेकर रैंडम हाउस से नवंबर 2016 में कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ था. सारराजिन ने कहा कि इस किताब की लॉन्चिंग डेट कई बार आगे पीछे करने के बाद आखिरकार पब्लिशर ने मई के अंत में कह दिया कि वे इस किताब को लॉन्च नहीं करेंगे.

लेकिन लेखक का कहना है कि वह हर हाल में इस किताब को प्रकाशित करवा कर रहेगा तथा दुनिया को कुरआन की वास्तविकता से अवगत कराएगा. बता दें कि यह पहली बार नहीं है, 2010 में सारराजिन ने ‘जर्मन डज अवे विद इट्सेल्फ’ किताब लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अशिक्षित मुस्लिम प्रवासियों ने देश (जर्मनी) को अधिक बेवकूफ बना दिया है.

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