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अमेरिका की धरती पर हिंदुत्व का परचम बर्दाश्त नहीं कर पाए चरमपंथी.. तमाम धर्मनिष्ठों के साथ सुरेश चव्हाणके जी का भी चरमपंथियों द्वारा विरोध

अमेरिका के शिकागो में 3 दिवसीय विश्व हिन्दू कांग्रेस सम्मलेन का आयोजन कल 7 सितंबर को शुरू हो चुका है. ये विश्व हिंद्दु सम्मलेन 7 सितंबर से 9 सितंबर तक चलेगा. इस कार्यक्रम में रस्स प्रमुख मोहन भागवत जी मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए है वहीं भारत के महामहिम उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू तथा सुदर्शन टीवी के चेयरमैन तथा राष्ट्र निर्माण संस्था के अध्यक्ष श्री सुरेश चव्हाणके भी इस कार्यक्रम में वक्ता के तौर पर शामिल होने के लिए अमेरिका के शिकागो पहुँच चुके हैं. विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद जी के भाषण की 125 वीं वर्षगांठ पर इस विश्व हिंद्दु कांग्रेस सम्मेलन का आयोजन किया गया है जिसमें 80 देशों के 250 से ज्यादा वक्ता तथा 2500 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.

इधर शिकागो में सम्मेलन शुरू हो चुका है तो वहीं कुछ मजहबी कट्टरपंथियों द्वारा इस सम्मलेन का विरोध करना भी शुरू कर दिया गया है. आपको बता दें कि जिस तरह से भारत में इस्लामिक चरमपंथ तेजी से बढ़ता जा रहा है ठीक उसी तरह से अमेरिका में मजहबी उन्माद बढ़ रहा है तथा इसे रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रयास भी कर रहे हैं. विश्व हिन्दू सम्मेलन के शुरू होने से पहले ही मजहबी चरमपंथियों द्वारा आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत तथा सुदर्शन टीवी के चेयरमैन सुरेश चव्हाणके जी का विरोध शुरु किया गया था जो अब और तेज हो गया है. आपको बता दें कि चरमपंथियों के इस विरोध को खालिस्तानी संगठनों का समर्थन भी मिला हुआ है तथा इस्लामिक चरमपंथी संगठन तथा खालिस्तानी संगठन न सिर्फ मोहन भागवत तथा सुरेश चव्हाणके बल्कि पूरे सम्मेलन का तीव्र विरोध जारी है. हालाँकि इस विरोध का विश्व हिन्दू सम्मेलन सम्मलेन पर कोई असर नहीं हो रहा है तथा शंख ध्वनि व दीप प्रज्वलन के साथ सम्मेलन शुरू हो चुका है तथा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जी ने पहले दिन सम्मेलन को संबोधित किया.

आपको बता दे कि सुरेश चव्हाणके जी आज सम्मेलन को संबोधित करेंगे तथा कल अंतिम दिन उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू जी अपना संबोधन देंगे. विश्व हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम के इतर श्री सुरेश चव्हाण के हिंदुस्तान में जनसंख्या नियंत्रण क़ानून की मांग के लिए भारत बचाओ यात्रा के विश्व व्यापी अभियान की शुरुआत भी करेंगे तथा अमेरिका के 7 शहरों में भारतीय अमेरिकी लोगों को संबोधित करेंगे व् हिंदुस्तान को इस्लामीकरण से बचाने के लिए, हिंदुस्तान को सीरिया, लीबिया बनने से रोकने के लिए जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के लिए समर्थन मांगेंगे. यही कारण है कि जिस तरह से भारत बचाओ यात्रा के दौरान भारत में श्री सुरेश चव्हाणके जी का विरोध किया गया था, अब वही सब अमेरिकी मजहबी उन्मादी समूहों द्वारा किया जा रहा है.

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