चीन का संसार को दिया जवाब पिघले शीशे की तरह कानों में घुसा मुस्लिम देशों के… बताया कि वो क्यों करता है मुस्लिमों पर अत्याचार ?

इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ बेहद कड़े रुख के लिए जाना जाने वाले चीन ने एक संयुक्त राष्ट्र को एक ऐसा जवाब दिया है जो इस्मालिक जगत पर कहर की तरह गिरा होगा. चीन से यूएन से साफ़ कह दिया है कि वह मुस्लिमों के खिलाफ इसलिए आक्रामक है ताकि चीन को सीरिया बनाने से रोका जा सके. आपको बता दें कि हाल ही में चीन को लेकर यूएन की एक रिपोर्ट सामने आयी थी जिसमें कहा गया था कि चीन के शिनजियांग में मुस्लिम लोगों के साथ धार्मिक आधार पर भेदभाव किया जा रहा है, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. यूएन के पैनल की ओर से कहा गया कि यहां पर हजारों उइगर मुसलमानों को रि-एजुकेशन कैंप में यह कहकर भेजा जा चुका है कि यह धार्मिक अतिवाद के खिलाफ एक लड़ाई है. यूएन की इस रिपोर्ट में कहा गया है शिनजियांग में धार्मिक आधार पर उइगर मुसलमानों को न सिर्फ प्रताड़ित किया जा रहा है बल्कि कैंपों से लोग भी गायब हो रहे हैं.

अब चीन की सरकारी मीडिया ने यूनाइटेड नेशंस (यूएन) की शिनजियांग प्रांत पर आई रिपोर्ट पर जवाब देते हुए कहा है कि में सुरक्षाबलों की कड़ी मौजूदगी ने ही इसे सीरिया और लीबिया बनने से रोका हुआ है. चीनी मीडिया ने कहा है कि अगर शिनजियांग में मुस्लिमों को छूट दी होती या सुरक्षा बल उनके खिलाफ आक्रामक न होते तो ये प्रांत सीरिया. लीबिया बन गया होता जिसे चीन कभी स्वीकार नहीं कर सकता है. चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स ने अपने एक आर्टिकल में इस सुरक्षा व्‍यवस्‍था का बचाव किया है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने हालांकि इस प्रांत में सरकार की ओर से चलाए जा रहे रि-एजुकेशन कैंप्‍स पर कुछ नहीं लिखा है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने अपने एडीटोरियल में लिखा है, ‘पिछले कुछ वर्षों में शिनजियांग ने हिंसक आतंकी हमलों को झेला है। चरमपंथी विचारों के जरिए युवाओं का ब्रेनवाश किया जा रहा है और आतंकी संगठन उन्‍हें अपने तरीकों से प्रयोग कर रहे हैं। शिनजियांग में आतंकी हमलों के अलावा इन आतंकियों ने प्रांतों के अंदर तक अपनी पैठ बना ली है और बीजिंग के तियानमेन स्‍क्‍वॉयर और कुमिंग रेलवे स्‍टेशनों पर भी हमले करने शुरू कर दिए हैं.’

इस एडीटोरियल में आगे लिखा है, ‘शिनजियांग में सुरक्षा हालातों को पिछले कुछ वर्षों में बढ़ाया गया है और आतंकी खतरें जो यहां से निकलकर चीन के दूसरे प्रांतों तक पहुंच गए थे उन्हें भी अब खत्‍म किया जा रहा है। इन प्रयासों के जरिए शिनजियांग में शांति और स्थिरता का माहौल फिर से कायम हो सका है.” ग्‍लोबल टाइम्‍स ने शिनजियांग के हालातों को उपलब्धि करार दिया है। अखबार ने लिखा है कि शिनजियांग को एक बड़े संघर्ष से बचाया जा सका है। इसे चीन का सीरिया या फिर लीबिया बनने से रोका गया है। शिनजियांग कानून के तहत और नस्‍ली एकता के तहत काम कर रहा है। अखबार की मानें तो शिनजियांग में वर्तमान हालत यहां पर कड़ी सुरक्षा और नियमों का ही नतीजा हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों की पोस्‍ट को अब हर जगह देखा जा सकता है। लेकिन साथ ही अखबार ने इसे एक ऐसा दौर करार दिया है जब यहां पर शांति और स्थिरता को फिर से कायम करके सामान्‍य प्रशासन को बहाल किया जा सकता है। अखबार की मानें तो शिनजियांग से किसी भी तरह के संघर्ष को दूर रखना ही महान मानवाधिकार होगा तथा इसके लिए मुस्लिमों के खिलाफ सख्ती जरूरी है तथा चीन यही कर रहा है.

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