सेकुलरों ने अमेरिकी संसद में प्रस्ताव पेश किया था ट्रम्प को गद्दी से हटाने का. लेकिन वो प्रस्ताव चाट गया धूल

धर्म निरपेक्षता के नाम पर सिर्फ कुछ स्थानों पर ही नहीं बल्कि अमेरिका जैसे महाशसक्त देशों में भी बड़े स्तर की राजनीति चल्र रही है जिसमे निशाने पर संसार के सबसे शक्तिशाली इन्सान माने जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति तक आ गये हैं . हालात तो यहाँ तक बने की खुद को सेकुलर कहने वाला समूह सीधे सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति तक को हटाने की मांग कर रहा था जो प्रचंड मत से जीत कर अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं .

ज्ञात हो की खुद को धर्मनिरपेक्षता का स्तम्भ बनाने की कोशिश कर रहे अमेरिका के कुछ सीनेटों के प्रयास उस समय फेल हो गये जब अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पेश किया गया महाभियोग प्रस्ताव बुरी तरह से फेल हो गया .. प्रतिनिधि सभा में इस प्रस्ताव को निरस्त करने के लिए बड़ी मात्रा में वोट डाले गए. ये प्रस्ताव एक डेमोक्रेटिक सदस्य के द्वारा पेश किया गया था. यह प्रस्ताव एल ग्रीन के द्वारा पेश किया गया था.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप लगातार भेदभाव के मुद्दे को आगे बढ़ा रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने वर्जिनिया, एंटी मुस्लिम घटनाओं का जिक्र किया. इस प्रस्ताव के हक में 364 और 58 खिलाफ वोट डाले गए. ग्रीन ने कहा कि जब मैं इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए सभा में आ रहा था. तब सड़क के रास्ते से आया, क्योंकि इस रास्ते में कोई मेरे साथ नहीं है. उन्होंने कहा कि वह दोबारा इसे पेश करेंगे, और कोशिश जारी रखेंगे. राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ ध्वस्त हुए इस प्रयास को सेकुलर समाज अपनी एक बड़ी हार मान रहे हैं और एक बार फिर जनमानस के साथ जनप्रित्निधियो को अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ खड़ा देगा गया . 

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