एक प्रोफेसर ने जब हिज़ाब के मुद्दे पर कुछ समझाना चाहा तो हो गया बवाल …. घटना लेबनान की

इस्लाम हर बार खतरे में पड़ता हैं ,आजतक बार – बार खतरे में पड़ा हैं ,इतना खतरे में पड़ा ,न जाने कितने छोटे कलेजे वाला हैं की हर बार चोटिल हो जाता हैं। इस बार तो हद हो गई प्रोफेसर ने जब हकीक़त बयां किया तो उस हकीक़त को लेकर उसको मजहबी मुद्दा बना कर रोड पर आंदोलन के लिए उतर आये। मामला लेबनान का हैं जहाँ एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने हिजाब पर बस बोल भर दिया और इसको मजहबी तूल देकर इसपर विवाद खड़ा कर दिया।

हाल ही में बेरूत में स्थापित अमेरिकन विश्वविद्यालय की एक 18 वर्षीय छात्रा मरयम दुजानी ने सामाजिक विज्ञान के लेक्चर के दौरान उनसे एक वाक्य बार – बार दोहराने को कह रही थी। जिससे पूरी कक्षा को दिक्कते आ रही थी उस पर प्रोफेसर खीज गया और उसने तीखे शब्द कह दिए। मरयम एक हिजाब करने वाली छात्रा हैं और हिजाब की वजह से बहुत कुछ सुनाई नहीं पड़ता हैं क्योकि वो बंधा ऐसी सरचना में होता हैं जिससे दिक्कते आती हैं।

जब मरियम दुजानी ने शिक्षक से अपना एक वाक्य दोहराने की बात कही तो प्रोफेसर समीर खलफ़ तैश में आकर कड़े शब्दों के साथ उनकी आलोचना की प्रोफेसर ने मरियम को संबोधित करते हुए कहा कि यह जो तुम अपने सिर और कानों में बेवकूफों जैसे ढांप रखा है। इसे उतारो ताकि तुम्हारी कान तक अच्छी तरह आवाज़ पहुँच सके। छात्र और प्रोफेसर के बीच के बात को लेकर मरियम दुजानी ने इसको मजहबी रूप देकर उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी शिकायत की।

प्रशासन ने उन्हें समझाया की आपको डाटा हैं इसका ये कतई मतलब नहीं की सभी हिजाबी महिलाओं की उन्होंने आलोचना की है।

मरयम ने इसको मजहबी रंग में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा। मरयम का कहना है कि प्रोफेसर समीर ने उसकी ज़ात को नहीं बल्कि पुरे इस्लामी हिजाब के तरीके को निशाना बनाया, इससे सभी हिजाब करने वाली महिलाएं आहत हुई हैं। मरियम ने पूरी हिजाब फ़ौज बुला कर प्रदर्शन किया। 

* फोटो सांकेतिक हैं 


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