दुनिया भर से डोनेशन लेने के बाद भी बंगलादेश में बेचीं जा रही हैं रोहिंग्या लडकियां. इस्लामिक मुल्क मलेशिया के अय्याशों ने आर्डर कर रखा था 23 लडकियों का

ये वो देश है जिसने रोहिंग्या को अपने देश में रखने के लिए दुनिया भर के देशों के अलावा संयुक्त राष्ट्र से भी भारी भरकम डोनेशन लिया है . इतना ही नहीं , इसी के साथ इस देश ने मुस्लिम देशों में अपनी छवि को और भी ऊपर कर लिया था और दुनिया भर में दया के साथ करुना आदि को प्रचारित करते मुल्क की छवि बना ली थी .. लेकिन बहुत कम लोगो को ये पता है कि उसकी आड़ में जो कुछ भी हो रहा है वो इतना भयावह है जो एक सामान्य व्यक्ति की कल्पनाओं से भी परे है .

विदित हो कि रोहिग्या को अपने यहाँ शरण देने के नाम पर दुनिया भर से डोनेशन लेने वाले इस्लामिक मुल्क बंगलादेश के कई तस्करों द्वारा विदेशो और अपने ही देश में बेचीं जा रही है रोहिंग्या लड़कियां . इन लकडियो की उम्र जितनी कम है उतना ही उनका दाम ऊंचा लगाया जा रहा है . इनकी तस्करी दुनिया के कई देशो में की जा रही है और बंगलादेश के कॉक्स बाजार में इनका अस्थाई ठिकाना इस समय दुनिया भर के तस्करों का मुख्य केंद्र बना हुआ है .

ताजा घटनाक्रम के अनुसार बंगलादेश की राजधानी ढाका के अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस्लामिक मुल्क मलेशिया में तस्करी कर के भेजी जा रही लगभग 23 लडकियों को बरामद किया गया है . ये सभी लड़कियां नाबालिग हैं और इनको ऊंचे दामो में मलेशिया के अय्याशों के हाथो बेचा जाना था . हैरानी की बात ये है कि इनकी गुमशुदगी की एक बार भी शिकायत कैम्पों में रहने वाले इनके अम्मी अब्बा ने नहीं की जिस से संदेह होता है कि इन लडकियों को बेचने में वो खुद भी कहीं न कहीं संलिप्त हैं .

ढाका पुलिस के प्रवक्ता रहमान के अनुसार इन सभी लडकियों को एक दर्जी की दूकान के पीछे के कमरे में रखा गया गया जो ढाका के उत्तरी हिस्से में है . इन सभी से झूठ बोला गया था कि उनकी नौकरी मलेशिया में अच्छे पदों पर लगने वाली है. बचाई गयी सभी लडकियों की उम्र 15 से 19 साल के बीच बताई जा रही है . यहाँ ध्यान देने योग्य है कि इस समय बांग्लादेश में लगभग 8 लाख रोहिग्या मुसलमान रह रहे हैं जो तमाम प्रयासों के बाद भी वापस म्यन्मार लौटने के लिए तैयार नहीं हैं .

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