जब तक बेटी गर्दन रेतने वालों के साथ रही तब तक आराम से खामोश रहा अब्बा.. अब वो मारे गये तो दुहाई देने लगा मानवता की

ऐसा अक्सर भारत के भी कुछ हिस्सों में देखा गया है . जब दुर्दांत आतंकी खुल कर खून की होली खेलता है तब उसके खिलाफ बोलने वाला कोई भी नहीं रहता है लेकिन जैसे ही वो सेना या पुलिस के द्वारा घेर लिया जाता है वैसे ही उसके घर वालों को मीडिया का एक वर्ग शांति का मसीहा बता कर ऐसे पेश करता है जैसे उनका आतंकी बेटा कोई बहुत बड़ा शांतिदूत हो .

ठीक ऐसे ही हुआ है ब्रिटेन में जहाँ पर आतंकियों के लिए अपना घर और अपने देश को छोड़ कर चली गयी एक लड़की के अब्बा अब शांति के गीत गा रहे हैं और मानवता की दुहाई देते दिख रहे हैं . लेकिन तथाकथित सेकुलरिज्म के तमाम दुष्परिणाम झेल चुका ब्रिटेन उनके चंगुल में नही फंसा और वो अपने फैसले पर अटल दिखा .

सीरिया में इस्लामिक स्टेट समूह के एक आतंकवादी से शादी करने वाली लंदन की एक युवती शमीमा बेगम के पिता ने सोमवार को एक साक्षात्कार में कहा कि ब्रिटेन को कोई भी सजा तय करने से पहले उसे देश में वापस बुलाना चाहिए। इस महीने एक शरणार्थी शिविर में एक बच्चे को जन्म देने वाली १९ वर्षीय बेगम ने कहा है कि वह घर आना चाहती हैं लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उसे सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए उसकी नागरिकता रद्द करने का फैसला किया है।

उत्तरपूर्वी बांग्लादेश के एक सुदूर गांव में रहने वाले अली ने कहा, ‘‘यदि उसने (बेगम ने) कोई अपराध किया है तो उन्हें पहले उसे लंदन लाना चाहिए और वहां उसे दंडि़त किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गलती करना मनुष्य का स्वभाव है। आप और मैं दोनों गलती कर सकते हैं। गलती करना ठीक है, सभी लोग ऐसा करते हैं। अगर कोई बच्चा गलती करता है तो दुख होता है।’’ सुनामगंज जिले के दोरई गांव में अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहने वाले अली ने कहा कि उसे अपनी बेटी पर तरस आ रहा है और ऐसा माना जाता है कि आईएस में शामिल होने के लिए उसे मानसिक तौर पर तैयार किया गया होगा। अचानक ही आतंकी बेटी के अब्बा का ऐसा बदला रूप देख कर तमाम लोगों ने उसको गिरगिट की संज्ञा दी है .

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