असल रूप में आ रहे बौद्धों के हत्यारे रोहिंग्या.. पैसों के लिए बेच रहे अपनी खुद की बेटियां.. दावा किसी हिन्दू संगठन या बौद्धों का नहीं

म्यांमार में बौद्धों तथा हिन्दुओं का क़त्ल करने वाले रोहिंग्या आतंकियों को लेकर सनसनीखेज खुलासा हुआ है. खबर के मुताबिक़,  बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों की संख्या करीब 10 लाख पहुंच गई है और म्यांमार से आने वाले शरणार्थी अपनी युवतियों को बंधुआ मजदूरी के लिए बेच रहे हैं. रोहिंग्याओं को लेकर ये खुलासा किसी हिन्दू संगठन ने नहीं किया है बल्कि संयुक्त राष्ट्र ने किया है. सयुंक्त राष्ट्र के इस खुलासे के बाद रोहिंग्याओं को लेकर एक बार फिर दुनिया सतर्क हो गयी है.

संयुक्त राष्ट्र प्रवास एजेंसी (आईओएम) ने कहा कि थोड़े से पैसे पाने की बेचैनी और हताशा में परिवार अपनी बच्चियों को बेहद खतरनाक माहौल में काम करने के लिए भेज रहे हैं. आईओएम का कहना है कि जो महिलाएं और बच्चियां इस बंधुआ मजदूरी में फंसी हुई हैं उनमें से दो-तिहाई कॉक्स बाजार में संयुक्त राष्ट्र से मिलने वाली सहायता का लाभ ले रहे हैं. करीब 10 प्रतिशत बच्चियां और महिलाएं यौन उत्पीड़न की भी शिकार हैं. संस्था का कहना है कि पुरुष और बच्चे भी इससे अछूते नहीं हैं और जबरन श्रम कार्यों में लगे करीब एक तिहाई शरणार्थी रोहिंग्या हैं.

आईओएम का कहना है कि काम और बेहतर जीवन के झूठे वादों के बावजूद उन्हें कोई कदम बहुत कठोर नहीं लगता है. कुछ पीड़ितों को तो इससे जुड़े खतरों की जानकारी नहीं है या फिर वह अपने हालात से इस कदर परेशान हो चुके हैं कि उन्हें कुछ भी कठोर नहीं लगता तथा पैसे पाने के लिए अपनी बच्चियों को बेचा जा रहा है.
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