श्रीलंका में बौद्ध भिक्षु का एलान- “मुसलमानों को ख़त्म कर दो पत्थर मार मार कर”

जब इस्लामिक आतंकियों ने श्रीलंका के चर्चों तथा होटलों पर सिलसिलेवार भीषण बम धमाकों को अंजाम दिया तथा सैकड़ों लोगों की जान ले ली, तब दुनिया में किसी को भी ये उम्मीद नहीं रही होगी कि इसके बाद श्रीलंका इतना रौद्र रूप अख्तियार कर लेगा तथा आतंकियों का काल बन जाएगा. पहले तो श्रीलंकाई सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ों में कई आतंकियों को मार गिराया फिर श्रीलंकाई सत्ता ने इस्लामिक कट्टरपंथ पर ऐसा चाबुक चलाया कि दुनिया दंग रह गई.

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एकतरफ श्रीलंकाई सत्ता मजहबी चरमपंथ के खिला सक्रिय हुई तो दूसरी तरफ वहां का बौद्ध समुदाय भी इस्लामिक कट्टरपंथ के खिलाफ उठ खड़ा हुआ. ईस्टर हमले के बाद से ही श्रीलंका में कई जगहों पर मुस्लिमों पर हमले की खबरें लगातार सामने आती रही हैं. इसके अलावा बौद्ध भिक्षुओं के दवाब में श्रीलंकाई सरकार में शामिल 9 मंत्रियों तथा दो प्रांतीय गवर्नरों को इस्तीफ़ा भी देना पड़ा था.

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लेकिन अब श्रीलंका से जो खबर सामने आई है, उसने इस्लामिक जगत से लेकर यूएन तक में खलबली मचा दी है. श्रीलंका के एक बेहद प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु ने मुस्लिमों के खिलाफ बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उनको पत्थर मार मार कर ख़त्म कर देना चाहिए. श्रीलंका के बड़े बौद्ध भिक्षु वरकगौड़ा श्री गणरत्ना थेरो ने कैंडी में मुसलमानों के खिलाफ जमकर निशाना साधा तथा कहा कि लोगों को मुसलमानों के रेस्तराओं में खाना भी नहीं खाना चाहिए क्योंकि वे सिंहली बौद्धों को नपुंसक बना रहे हैं.

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थेरो ने मताले में एक मुस्लिम डॉक्टर का उदाहरण देते हुए कहा था कि कैसे उस डॉक्टर ने हजारों, लाखों सिंहली बच्चों को बर्बाद करके रख दिया. बता दें कि उस डॉक्टर पर आरोप है कि उसने सिंहली महिलाओं की अनुमति के बिना ही ऑपरेशन करके उनको बच्चा पैदा करने के लिए अक्षम बना दिया था. इसके बाद थेरो ने कहा कि ऐसे गद्दारों को आजाद नहीं घूमने देना चहिए. थेरो ने कहा, ‘कुछ उपासक महिलाओं ने कहा कि ऐसे लोगों को पत्थरों से हमला कर मार देना चाहिए. मैं ऐसा नहीं कहता, लेकिन ऐसा ही कहा जाना चाहिए.’

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