मदरसों के बाद अब मस्जिदों के लिए श्रीलंका सरकार का नया आदेश.. अगर नही पालन किया तो पुलिस को किया स्वतंत्र

ईस्टर पर श्रीलंका के चर्चों तथा होटलों पर इस्लामिक आतंकी हमलों के बाद वहां की सरकार इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ एक के बाद एक कड़े कदम उठा रही है. बुर्का बैन, मदरसों तथा इस्लामिक मौलानाओं को लेकर बेहद ही कड़ी कार्यवाई के बाद अब श्रीलंकाई सत्ता ने वहां की मस्जिदों को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है.

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श्रीलंका की सरकार ने शुक्रवार को देश की सभी मस्जिदों के ट्रस्‍टियों को चेतावनी देकर कहा है कि वे नफरत का प्रचार और बढ़ावा देने वाली बैठक में न तो जाएं और न ही उनको मंजूरी दें. साथ ही सरकार ने धार्मिक संबोधनों की सभी रिकॉर्डिंग अधिकारियों को उपलब्‍ध करवाने के निर्देश दिए हैं. गौरतलब है कि पिछले माह श्रीलंका में हुए विस्फोटों में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी और 500 से ज्यादा घायल हो गए थे. इस आतंकी हमले में मरने वालों में दस भारतीयों समेत 44 विदेशी नागरिक थे.

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श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के बाद सुरक्षा बलों ने देशभर में तलाशी अभियान चलाया था. इस दौरान कई मस्जिदों से सुरक्षाबलों ने तलवार और अन्य हथियार बरामद किए थे. इसके बाद ही सरकार ने यह चेतावनी जारी की है. श्रीलंका के मुस्लिम धार्मिक मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में यह कहा गया है कि नफरत का प्रचार और चरमपंथ में संलिप्त पाए जाने पर दंड संहिता व अन्य कई कानूनों के तहत उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उन्हें सजा दी जाएगी.

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इस आदेश को मंत्री एमएच हलीम ने जारी किया है. बयान में कहा गया है कि देश की मौजूद स्थिति को देखते हुए यह आदेश दिए गए हैं. मस्जिदों में होने वाली शुक्रवार की नमाज और धार्मिक संबोधनों को रिकॉर्ड कर सरकार को उपलब्‍ध करवाना होगा. बता दें कि इससे पहले श्रीलंका में बुर्का तथा नकाब पर बैन लगा दिया गया है, साथ ही 200 विदेशी इस्लामिक मौलानाओं को भी श्रीलंका से बाहर निकाल दिया गया है.

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