मुसलमान कैसे रहेंगे, क्या करेंगे. ये निर्धारित करेगी चीन की सरकार. ना कि खुद वो…

जहां एक और अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने के बाद अब चीन भी कहीं न कहीं अमेरिका के इस फैसले पर समर्थन देता नज़र आ रहा है। शायद चीन को अब अक्ल आ गई है कि पाकिस्तान ही आतंक को पालता है और बढ़ावा देता है। इसलिए तो उसने अपने देश में रहने वाले मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर नए नियम लागू किए हैं। बता दें कि इससे पहले भी चीन ने अपने देश में रह रहे मुस्लिमों पर कई तरह की पाबन्दी लगा चुका है। इस बार भी आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चीन ने मुस्लिमों की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए एक नया तरीका खोज निकला है।

चीन ने अपने देश को आतंकवाद से बचाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। चीन ने अपने देश में रह रहे मुस्लिम अल्पसंख्यकों को एक ऐप डाउनलोड करने को कहा है। इस ऐप का नाम अंग्रेजी में स्पाईवेर और चीनी भाषा में जिंगवांग (सिटीजन सेफ्टी) है। यह ऐप इसलिए बनाया गया है ताकि आतंकी गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके और उनसे बचा जा सके। चीन में रह रहे सभी मुस्लिमों को यह ऐर इंस्टॉल करने के लिए सख्त हिदायत दी गई है। इस ऐप की खासियत है कि वीचैट या वीइबो चैट पर कोई आतंकी गतिविधियों से संबंधित चैट\डेटा फॉरवर्ड\वाइस कॉल करेगा तो उसका सारा डेटा स्पाईवेर में कॉपी हो जाएगा जो सीधे सरकार के सर्वर से जुड़ा है।

कोई भी संदिग्ध आतंकी इस ऐप से नहीं बच सकता। पुलिस मुस्लिम लोगों को जिंगजियांग प्रांत में जबरदस्ती यह ऐप इंस्टॉल करने को मजबूर कर रही है। चीन की गलियों और सड़कों पर पुलिस मुस्लिम लोगों को ढूढ़कर उनके मोबाइल में यह ऐप चेक कर रही है कि उन्होंने इंस्टॉल किया हैं या नहीं। अगर जो भी इस ऐप को इंस्टॉल नहीं करता है तो उसे 10 दिन के लिए हिरासत में ले लिया जाता है। इस ऐप का मुख्य मकसद शुरुआत में फोन पर हो रही अनुचित गतिविधियों को पता लगाना था पर अब चीनी सरकार ने इसे जन निगरानी के लिए दुबारा से लॉन्च किया है। आतंकी गतिविधियों, अवैध धार्मिक वीडियो, फोटो, ईबूक और इलेक्ट्रॉनिक्स दस्तावेजों पर नज़र रखने वाले इस ऐप को इंस्टॉल करने के लिए दबाव डाल रही है।

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