सफलता की ओर अमेरिकी विदेश मंत्री का भारत दौरा. ट्रम्प के सबसे ख़ास मंत्री के हर शब्द पर है चीन की नजर

अमेरिकी विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन 3 दिन के भारत दौरे पर हैं…. आज टिलरसन ने सुषमा स्वराज से मुलाकात की….. बाद में दोनों ने ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की….. टिलरसन ने कहा कि पाकिस्तान में कई आतंकी संगठनों की पनाहगाह है, इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा….भारत और यूएस कंधे से कंधा मिलाकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ेंगे….. उन्होंने ये भी कहा कि नई दिल्ली अमेरिका का पुराना सहयोगी है और यूएस की अफगानिस्तान नीति में उसका अहम रोल है….टिलरसन नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे…. बीते 2 महीनों में डोनाल्ड ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के ये दूसरे हाई रैंकिंग ऑफिशियल का भारत दौरा है….

पिछले महीने अमेरिका के डिफेंस मिनिस्टर जेम्स मैटिस भारत आए थे….. टिलरसन ने कहा कि पाकिस्तान में कई आतंकी संगठनों को सुरक्षित पनाह मिली हुई है जो वहां की सरकार की स्थिरता के लिए खतरा हैं…. हम इन्हें बर्दाश्त नहीं करेंगे…..इस्लामाबाद में मंगलवार को पाक लीडर्स से हुई बातचीत में साफतौर पर ये बता दिया गया कि हमें पाक से क्या उम्मीदे हैं…. हम पाकिस्तान के साथ मिलकर सही तरीके से काम करना चाहते हैं क्योंकि हमारा मानना है कि आगे चलकर उसे इसका फायदा मिलेगा…..साथ ही टिलरसन ने कहा कि अमेरिका की अफगानिस्तान नीति में नई दिल्ली का अहम रोल है और हम चाहते हैं कि भारत फिर से इस क्षेत्र की अगुआई करे….

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि अफगानिस्तान में हाल ही में हुए हमले इस बात का सबूत हैं कि आतंकियों को सुरक्षित पनाह अभी भी दी जा रही है और उनके मददगार अभी भी एक्टिव हैं…..पाकिस्तान को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए……प्रेसिडेंट ट्रम्प की की आतंकवाद पर नीति तभी कामयाब होगी, जब पाकिस्तान आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करेगा….आपको बता दें कि भारत, अमेरिका और अफगानिस्तान के बीच ट्राइलेट्रल मीटिंग दिसंबर में होगी…. सुषमा ने ये भी कहा कि हमनें टिलरसन से ये कहा है कि अमेरिका के मित्र देशों की नॉर्थ कोरिया में एक एम्बेसी होनी चाहिए ताकि कोई भी बातचीत की जा सके…. नॉर्थ कोरिया के साथ हमारा ट्रेड बहुत कम हो गया है और हमारी एम्बेसी भी वहां बहुत छोटी है…..साथ ही सुषमा ने ये भी कहा कि हमें ये बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि पीएम मोदी के यूएस दौरे के बाद से अमेरिका के साथ हमारे डिफेंस और स्ट्रैटजिक रिलेशन गहरे हुए हैं….. हमारे बीच यूएस के डेवलपमेंट में भारतीयों के योगदान और H1B वीजा मसले पर भी बातचीत हुई है….

अमेरिकी विदेश मंक्षी भारत के दौरे पर है….वहीं जब सुषमा स्वाराज और टिलरसन की जब एक दूसरे से मुलाकात हुई..तो किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई…और साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्री के भारत दौरा क्यों अहम है इस पर भी बात कर लेते है………  टिलरसन-सुषमा के बीच कई मुद्दों पर चर्चा विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि सुषमा और टिलरसन के बीच नॉर्थ कोरिया, काउंटर टेररिज्म, सिक्युरिटी, एनर्जी ट्रेड समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। टिलरसन भारत में कई सीनियर लीडर्स से मुलाकात करेंगे, जिसमें उनकी इंडो-पैसिफिक रीजन में स्ट्रैटजिक-सिक्युरिटी बढ़ाने पर चर्चा होगी। ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन का मानना है कि अफगानिस्तान में स्टेबिलिटी बनाए रखने में भारत अहम रोल निभा सकता है भारत से अमेरिकी के रिश्ते काफी रणनीतिक अहमियत रखते हैं, इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई। 
दुनिया में जब अनिश्चितता का दौर चल रहा है तब अमेरिका, भारत का भरोसेमंद पार्टनर है, चीन जिस तरह से बर्ताव कर कर रहा है उससे इंटरनेशनल रूल्स को लेकर चुनौती खड़ी हो सकती है।चीन साउथ चाइना सी में अपनी दखलअंदाजी बढ़ा रहा है, ये सीधे तौर पर इंटरनेशनल नॉर्म्स के लिए चैलेंज है। इसे रोकने के लिए अमेरिका और भारत के बीच चर्चा हुई। इसलिए अहम है टिलरसन का दौरा  टिलरसन का भारत दौरा उस वक्त हो रहा है, जब ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन भारत को आर्म्ड ड्रोन देने पर विचार कर रहा है। इस साल की शुरुआत में इंडियन एयरफोर्स ने अमेरिका से प्रीडेटर सी एवेंजर एयरक्राफ्ट देने की रिक्वेस्ट भेजी थी।
एयरफोर्स ने 80-100 यूनिट प्रीडेटर की जरूरत बताई थी। इसके लिए भारत को 8 बिलियन डॉलर (करीब 52 हजार करोड़ रु.) देने होंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री का ये दौरा जहां भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है…वहीं कई मुद्दों पर चर्चा होना इस बात की और संकेत किया जा रहा है कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका आतंकवाद को लेकर काफी सजग नजर आ रहे है…लेकिन अब जो देखने वाली बात है वो .ये है कि भारत जो दुश्मन है उन सबका क्या रिएक्शन होगा…… 

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