अफगानिस्तानी मुस्लिमों की मदद करने गये अमेरिकी NGO के आफिस पर ही इस्लामिक आतंकी हमला. कई मरे


वो NGO अफगानिस्तान गया था ये भावना ले कर कि आतंकी हमलों में घायल हुए मुस्लिमों के साथ अन्याय हो रहा है और उनको शिक्षा , अस्पताल और प्रेम सौहार्द आदि की जरूरत है .. इसी भावना के साथ वो NGO निकल गया था अमेरिका से अफगानिस्तान के लिए.. उन सबको जवाब देने कि उनके खिलाफ सोच रखने वाले गलत हैं . फिलहाल अभी तक उस शांति और अमन का पैगाम देने वाली इमरात के अन्दर चीख पुकार मची हुई है और गोलियों की आवाजें आ रही थी .

एक पवित्र नगरी जिसने नापाकों के लिए लगाया नोटिस और कहा कि – “इधर मत दिखना”

ये NGO है अन्तराष्ट्रीय स्तर पर युद्धरत क्षेत्रों में घायलों की मदद और पुनर्वास आदि के काम किया करता है . इसने अपना कार्यालय अफगानिस्तान के शहर ए नाव क्षेत्र में खोला है जो वर्ष 2005 से वहां पर कार्य कर रहा है . शहर ए नाव अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक प्रसिद्ध इलाके में पड़ता है और अतिसुरक्षित क्षेत्रों में गिना जाता है .. काबुल के सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और पूरे इलाके को को सील कर के व्यापक तलाशी अभियान छेड़ दिया गया है ..

साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ उतारे गये कई साधुओं को एहसास हो गया कि वो क्या कर रहे.. जारी हुआ एक वीडियो

लेकिन अचानक ही इसको घेर लिया गया और चारों तरफ से गोलियों की आवाजें आने लगी . अफगानिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मामलों के प्रवक्ता नुसरत रहीमी ने बताया कि इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है और हमलावरों पर कार्यवाही की जायेगी . वही आतंकियों के प्रवक्ता जैबुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि किसी भी विदेशी और गैर इस्लामिक को अफगानिस्तान की धरती पर नहीं रहने दिया जाएगा . अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस आतंकी हमले में लगभग 15 लोगों की मौत हो चुकी है .

साधारण से सरकारी हॉस्पिटल में इलाज करा रहे एक व्यक्ति को घेर लिया लोगों ने, और दौड़ने लगे डॉक्टर व सभी.. क्योंकि उन्हें पता ही नहीं था कि ये कौन है

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