खुलने लगी श्रीलंका आतंकी हमले की परतें.. सामने आया इस इस्लामिक समूह का नाम

श्रीलंका के चर्चों तथा होटलों में हुए सीरियल बम धमाकों की परतें खुलने लगी हैं. हालाँकि अभी किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं है लेकिन इस इस्लामिक समूह का नाम सामने आ रहा है. श्रीलंका में एक के बाद एक हुए 8 विस्फोटों में 186 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है तथा लगभग 400 लोग घायल हैं. खबर लिखे जाने तक भी विस्फोटों का सिलसिला रुका नहीं है. सुबह जहाँ 6 धमाके हुए तो वहीं खबर लिखे जाने के समय 2 और धमाके हुए हैं. धमाके श्रीलंका के राजधानी कोलंबो में हुए हैं.

जिस संगठन पर इस क्रूरतम हमले की आशंका जताई जा रही है, वह एक इस्लामिक समूह है तथा पहले भी ये समूह बौद्ध प्रतीकों पर हमले कर चुका है. ‘गल्फ न्यूज’ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि श्रीलंका के पुलिस प्रमुख ने 10 दिन पहले किसी बड़े हमले का इंटेलिजेंस इनपुट दिया था. इनपुट में कहा गया था कि फिदायीन हमलावर देश के प्रमुख चर्चों को निशाना बना सकते हैं. गल्फ न्यूज ने एएफपी के हवाले से यह रिपोर्ट प्रकाशित की है. पुलिस प्रमुख पुजुथ जयसुंदर ने 11 अप्रैल को देश के आला पुलिस अधिकारियों को इनपुट भेजा था जिसमें हमले के प्रति आगाह करने की बात कही गई थी.

इंटेलीजेंस अलर्ट में एक विदेशी इंटेलीजेंस एजेंसी का भी इनपुट जोड़ा गया था और कहा गया था कि नेशनल तौहीत जमात (एनटीजे) नामक संगठन श्रीलंका के कुछ अहम गिरजाघरों को निशाना बनाने की फिराक में है. इस संगठन के निशाने पर कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त भी था. इनपुट में ऐसी जानकारी दी गई थी. गौरतलब है कि जिस एनटीजे का नाम श्रीलंका के धमाके में उछला है, वह कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन है. पिछले साल भी यह संगठन सुर्खियों में आया था जब वहां कुछ बौद्ध धर्मस्थलों पर हमला किया गया था.

पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेखरा ने बताया कि ये धमाके स्थानीय समयानुसार आठ बजकर 45 मिनट पर ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी, पश्चिमी तटीय शहर नेगेंबो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए. वहीं तीन अन्य विस्फोट पांच सितारा होटलों- शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में हुए. होटल में हुए विस्फोट में घायल विदेशी और स्थानीय लोगों को कोलंबो जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.

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