अम्मी ही नहीं, अब्बा ही नहीं, अप्पी ही नहीं, भाईजान भी थे आतंकी… एक ऐसा परिवार जिसका हर शख्स निकला आदमखोर

13 मई को इंडोनेशिया के जावा के सुराबाया शहर में तीन चर्चों पर आतंकी हमला हुआ था जिसमें कम से 18 लोग मारे गये थे तथा ४१ से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी थी. इंडोनेशिया में हुए इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक आतंकी संगठन ISIS ने ली थी. इंडोनेशिया में हुए इन हमलों को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक 6 सदस्यों वाले परिवार ने इस आतंकी हमले को अंजाम दिया है. इसमें 12 और 9 साल की लड़कियां भी शामिल थीं. पुलिस का कहना है कि जिस परिवार ने रविवार को आत्मघाती हमले किये वो आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के हमदर्द थे और वे सीरिया से लौटे थे.

दुनिया इस बात को जानकार दंग रह गयी कि अम्मी, अब्बू, बेटी, भाईजान..पूरा का परिवार आतंकी बन गया तथा जिहाद के नाम पर निर्दोषों का क़त्ल करने निकल पड़ा. पूर्वी जावा पुलिस के प्रवक्ता फ्रांस बारुंग मनगेरा ने सुराबाया में पत्रकारों से कहा, “पति एवेंजा कार चला रहा था, इसमें बारूद भरा हुआ था, उसने इसे चर्च के मेन गेट से टकरा दिया.” परिवार के मुखिया की पत्नी और दो बेटियां दूसरे और तीसरे चर्च पर हमला करने में लगीं हुई थीं. पुलिस ऑफिसर मनगेरा ने कहा, “दो दूसरे लड़के बाइक चला रहे थे उन्होंने अपने शरीर से बम बांध रखे थे.” पुलिस के मुताबिक बेटियों की उम्र 12 और 9 साल थी, जबकि दो लड़कों की उम्र,जो मुख्य हमलावर के बेटे थे, उनकी उम्र 18 और 16 साल थी.”
पुलिस प्रवक्ता फ्रांस बारुंग मांगेरा ने मौके पर मौजूद संवाददाताओं को बताया कि पहला हमला सुराबया में सांता मारिया रोमन कैथोलिक चर्च में हुआ. मानगेरा ने कहा कि इसके कुछ ही मिनटों बाद दीपोनेगोरो के क्रिश्चन चर्च में दूसरा धमाका हुआ. तीसरा धमाका शहर के पंटेकोस्टा चर्च में हुआ। इंडोनेशिया में हुए इस भयावह आतंकी हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बच्चे के साथ आई महिला के बारे में कहा कि वह दीपानेगोरो चर्च में दो बैग लेकर गई थी. एंटोनियस नाम के एक गार्ड ने बताया, ”अधिकारियों ने पहले उसे चर्च के अहाते में रोका लेकिन महिला उनकी अनदेखी करती हुई जबरन अंदर चली गई और अचानक उसने एक नागरिक को गले लगा लिया और तभी धमाका हो गया. ”
सुराबाया में चर्च पर हमले के बाद घटनास्थल का दृश्य (फोटो-एपी)
जबकि सांता मारिया चर्च में हुई घटना का जिक्र करते हुए एक शख्स ने कहा कि उसने मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को चर्च के अहाते में जाते देखा। एक ने काली पैंट पहन रखी थी और दूसरे ने पीठ पर बैग लाद रखा था। चश्मदीदों के मुताबिक सांता मारिया चर्च में कांच और कंक्रीट का मलबा बिखरा हुआ था और पुलिसर्किमयों ने इस इमारत को सील कर रखा था। चर्च के बाहर एक फेरीवाली ने कहा कि जबर्दस्त धमाके की वजह से वह कई मीटर दूर छिटक गई।

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