सरदारों पर फिर इस्लामिक चरमपंथ का कहर.. पाकिस्तान में सिख पुलिस अधिकारी की पगड़ी खींची.. रो कर बोला सरदार- “बद से बदतर हैं हालात”

पाकिस्तान में गैर मुस्लिम चाहे वो सिख हों या हिन्दू, कैसा नारकीय जीवन जी रहे हैं ये बात हर कोई जानता है. गुलाब सिंह जो पाकिस्तान में पहले सिख पुलिस अधिकारी थे तथा उन्होंने अपना जीवन पाकिस्तान की सेवा में लगा दिया लेकिन अब उनके साथ मजहब के आधार पर इस्लामिक चरमपंथियों ने जो सलूक किया है, उसे जानकर आपके ऑंखें फटीं रह जाएंगी. खबर के मुताबिक़, पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस अधिकारी गुलाब सिंह के साथ लाहौर स्थित उनके घर में कुछ लोगों ने मारपीट की और उन्हें जबरन घर से निकाल दिया. गुलाब सिंह का घर लाहौर के डेरा चहल इलाके में है जहां से जबरन उन्हें निकाला गया और उनकी पगड़ी खोलकर फेंक दी गई. गुलाब सिंह पुलिस से अनुरोध करते ही रह गए कि वह अपने घर में 1947 से रह रहे हैं उन्हें कम से कम दस मिनट का वक्त दिया जाए लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी.

समाचार एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें गुलाब सिंह कह रहे हैं, “मैं गुलाब सिंह पाकिस्तान का पहला सिख ट्रैफिक वॉर्डन हूं. मेरा साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है जैसा चोरों-डाकुओं के साथ किया जाता है. मुझे मेरे घर से घसीटकर बाहर निकाला गया और मेरे घर में ताले लगा दिए गए.” गुलाब सिंह ने वीडियो में कहा है कि “तारिक वजीर एडिशनल सेक्रटरी और तारा सिंह जो पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी का भूतपूर्व प्रधान है, दोनों ने लोगों को खुश करने के लिए यह काम किया है. अदालत में मेरे खिलाफ केस भी चल रहे हैं. इस पूरे गांव में सिर्फ मुझे ही निशाना बनाया जा रहा है और मेरा घर खाली करवाया गया है. आप देख सकते हैं मेरे सिर पर पगड़ी भी नहीं है तथा वो लोग मेरी पगड़ी भी छीनकर ले गए और उन्होंने मेरे बाल भी खींचे हैं.”

गौरतलब है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की घटनाएं नई नहीं हैं. पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के लिए असहिष्णुता का स्तर अन्य देशों से कहीं ज्यादा है. पाकिस्तान की अल्पसंख्यक हिंदू और सिख आबादी आए दिन भेदभाव का शिकार बनती है. एक महीने पहले ही पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा प्रांत के पेशावर में सिख धर्मगुरु चरणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

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