नामी इस्लामिक जानकार अल औदा को मृत्युदंड दे सकता है इस्लामिक मुल्क सऊदी अरब.. दे रहा था आतंकी बनने की शिक्षा

यकीनन तुष्टिकरण की नीति भले ही भारत में नेताओं का चुनावी हथियार बना हो लेकिन हर कहीं ये कुनीति नहीं चलती है इसका प्रमाण उस समय देखने को मिला जब खुद एक इस्लामिक मुल्क सऊदी अरब ने एक कड़ा फैसला लेते हुए वही के एक बड़े मुस्लिम जानकारी और ऊंचा ओहदा वहां के मुसलमानों में रखने वाले अल – ओदा को पहले तो गिरफ्तार कर लिया और उसके बाद अब उन्हें मृत्युदंड देने पर विचार कर रहा है .

इस कड़े फैसले का भले ही वहां के कुछ मुसलमानों ने विरोध किया हो लेकिन सऊदी अरब पर जरा सा भी उसका असर नहीं हुआ और वो अपने जिद पर अड़ा हुआ है .. सऊदी अरब का मामना है की अल ओदा वहां के लोगों को कट्टरपंथ और आतंकवाद की तरफ प्रेरित कर रहा था जिसका अल ओदा के परिवार वालों ने खंडन किया है . अल ओदा के घर वालों ने उन्हें छोड़ देने की गुहार लगाते हुए कहा है कि वो केवल मुसलमानों को उस राह पर ले जाने का प्रयास कर रहे थे जो इस्लामिक कानूनों के अनुसार है .. लेकिन इन तमाम दलीलों का किसी भी प्रकार से कोई असर सऊदी सरकार पर नहीं हुआ है .

फिलहाल इस मामले में सऊदी अरब के सार्वजनिक अभियोजन पक्ष ने सऊदी के मशहूर इस्लामिक जानकार सलमान अल-औदा के खिलाफ मौत की सजा के लिए मंगलवार को बैठक की. आपको बता दें की सलमान अल-औदा को सऊदी सरकार ने बिना किसी जुर्म के एक साल से ज्यादा वक़्त से गिरफ्तार किया है. मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, सऊदी अरब के अखबार ओकाज ने मंगलवार की सुबह एक ट्वीट में कहा: “विशेष आपराधिक अदालत ने कुछ समय पहले मुस्लिम विद्वानों के अंतर्राष्ट्रीय संघ के सहायक सचिव के मुकदमे की शुरुआत की है.” सऊदी अरब शेख यूसुफ अल-क़रादावी की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी इस्लामिक जानकारों  को “आतंकवादी संगठन” के रूप में वर्गीकृत किया है. इसलिए, अल-औदा पर “आतंकवादी संगठन” का नेतृत्व करने का आरोप लगाया गया है. इतना ही नहीं ओकाज में मुताबिक, लोक अभियोजन पक्ष ने अल-औदा को 37 आरोपों के साथ दोषी ठहराया है और “विवेकपूर्ण दंड के रूप में सज़ा-ए- मौत देने की मांग की ..

 

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